नौकरी के नाम पर तीन लाख की ठगी
रायगढ़: पुलिस अधीक्षक रायगढ़ दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम के मार्गदर्शन में जूटमिल पुलिस ने नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी कर फरार हुए आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर लिया गया है।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई
जूटमिल के बाजीराव महरापारा निवासी मनोहर दास महंत ने 20 जनवरी 2024 को जूटमिल थाने में आरोपी रूपराज मानिकपुरी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में रूपराज मानिकपुरी ने खुद को रायपुर मंत्रालय में नौकरी करते हुए बताया और मनोहर को खाद्य विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर तीन लाख रुपये ठगे। मनोहर ने अपने जीजा और छोटी बहन के खाते से रूपराज और उसकी पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए और कई बार नगद राशि भी दी।
ठगी का खुलासा
जांच में पाया गया कि रूपराज मानिकपुरी मंत्रालय में कार्यरत नहीं था और उसने झूठा आश्वासन देकर मनोहर से ठगी की। गवाहों द्वारा भी आरोपी के खाते में पैसे ट्रांसफर करने की पुष्टि की गई। आरोपी के खिलाफ धारा 420 IPC के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद से आरोपी फरार था। नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला द्वारा थाना प्रभारी जूटमिल को आरोपी की खोजबीन के निर्देश दिए गए। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को रायपुर में देखा गया और पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार की और बताया कि उसने ठगी के पैसे से एक सेकंड हैंड इंडिगो कार खरीदी थी।
आरोपी रूपराज मानिकपुरी (35), पिता सुद्धु दास मानिकपुरी, ग्राम छांछी कसडोल थाना बलौदा बाजार, जिला बलौदा बाजार, वर्तमान में अशोक नगर मारुति जिम के पास श्रीराम गडरिया का किराए का मकान, गुढ़ियारी जिला रायपुर में रहता है। आरोपी के मेमोरेंडम पर पुलिस ने इंडिगो कार जब्त कर ली।
पुलिस टीम की सफलता
थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में एएसआई नरेन्द्र सिदार और आरक्षक तरूण महिलाने की अहम भूमिका रही। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।






