क्वेटा। बलोचिस्तान के ग्वादर में आयोजित विरोध मार्च पर मस्तंग में गोलीबारी की घटना में 14 लोग घायल हो गए हैं। बलोच यकजिहती समिति (BYC) के सदस्यों की रैली पर सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी का आरोप लगाया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, BYC के 14 सदस्य ग्वादर में रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे, जब मस्तंग में उन्हें गोलीबारी का शिकार होना पड़ा। घायल व्यक्तियों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने उन पर फायरिंग की। वहीं, कैलात के डिप्टी कमिश्नर ने दावा किया कि BYC का काफिला एक लेवीज चेकपॉइंट पर हमला कर रहा था।
BYC के नेता बेबारग बलोच ने बताया कि जब काफिला क्वेटा-कराची हाईवे पर यात्रा कर रहा था, तब एक कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी ने गोलीबारी की। अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। काफिला थाना सोना खान क्षेत्र में रुका और उन्हें मस्तंग जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
BYC ने आरोप लगाया कि राज्य की सेना और पुलिस ने शांतिपूर्ण काफिलों पर हमला किया और सीधे गोलीबारी की। उनके अनुसार, यह बलोचिस्तान में बलोच लोगों के खिलाफ राज्य की बर्बरता को दर्शाता है। BYC के एक अन्य नेता महरंग बलोच ने कहा कि सुरक्षा बलों ने ग्वादर की ओर जा रहे 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बलोचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने BYC के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरफराज बगटी या सरकार ने ऐसी कोई आदेश नहीं दिए। सरकार बातचीत के लिए तैयार है और शांतिपूर्ण विरोध करना लोगों का अधिकार है।
सुरक्षा उपाय और प्रतिबंध
क्वेटा में धारा 144 लागू कर दी गई है, जिससे सभी प्रकार की सभाओं, रैलियों और जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ग्वादर की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। BYC के सदस्यों को ग्वादर में सार्वजनिक बैठक करने के बजाय कहीं और आयोजित करने के लिए कहा गया है।









