

बिलासपुर।
बिलासपुर की अदालत ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के आरोपी उमेंद केंवट को फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश के त्रिपाठी ने दोषी को फांसी की सजा के साथ 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इस हत्या को ‘बर्बरता की पराकाष्ठा’ करार देते हुए इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मामला माना है और आदेश दिया है कि दोषी को फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।
घटना 1 जनवरी 2024 की मध्य रात्रि को बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के हिर्री गांव में हुई। उमेंद केंवट ने अपनी पत्नी सुक्रिता (32 वर्ष), दो पुत्रियां खुशी (5 वर्ष), लिसा (3 वर्ष) और नवजात पुत्र पवन (18 माह) की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के बाद तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान, अदालत ने 29 जुलाई 2024 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।






