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सरगुजा पुलिस द्वारा मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से लोन निकालकर गबन करने वाले गिरोह के दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी
पंकज शुक्ला /अंबिकापुर
सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है, जिसमें मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन निकालकर बड़ी रकम का गबन किया गया। इस मामले में सरगुजा पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी रामअवतार, निवासी खुटिया, थाना उदयपुर, ने 8 जुलाई 2024 को लखनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके पिता, जो 2008 में निधन हो चुके थे, के नाम पर 2014 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लखनपुर शाखा से 2 लाख 18 हजार रुपये का केसीसी लोन लिया गया था। यह लोन प्रार्थी की पैतृक जमीन पर लिया गया था, जिसे 20 दिसंबर 2014 से बैंक में बंधक रखा गया था।
पुलिस जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी बलराम, जो पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, ने दरोगा दास और सीताराम कवर की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों में बलराम ने खुद को रामचरण, प्रार्थी के पिता, के रूप में प्रस्तुत किया और बैंक से लोन प्राप्त किया। दरोगा दास और सीताराम ने बलराम की मदद की, जिसके बदले में उन्हें कमीशन के रूप में 50,000 रुपये देने का वादा किया गया था।
गिरफ्तारियों के दौरान दरोगा दास और सीताराम ने स्वीकार किया कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत करने में बलराम की मदद की। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपनी मिली कमीशन राशि का अधिकांश हिस्सा खर्च कर दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है और अन्य शामिल आरोपियों की तलाश जारी है।
लखनपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। इस कार्यवाही में प्रधान आरक्षक रवि सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, जानकी राजवाड़े, और अमरेश दास भी शामिल थे।
सरगुजा पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रही है, और जल्द ही इस मामले में अन्य शामिल आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।







