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विक्रम लहरे ने कहा, “सत्ता के हथियारों से गूंजेगा जय भीम का नारा,” अनुसूचित जाति और जनजाति समाज ने बस्तर में दिखाया एकता का अद्भुत प्रदर्शन
जगदलपुर/ कौशल संदुजा
अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज द्वारा 21 अगस्त को आयोजित भारत बंद को लेकर बस्तर जिला मुख्यालय, जगदलपुर में एक दिवसीय बंद का आयोजन किया गया। इस बंद का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू किए जाने का विरोध करना था। बंद के दौरान बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लाखों लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
सर्व अनुसूचित जाति समाज के बस्तर जिलाध्यक्ष विक्रम लहरे ने इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए कहा, “जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा सत्ता के हथियारों से, चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा जय भीम के नारों से।” उनके इस जोशीले भाषण से जनता में उत्साह और एकता की भावना और मजबूत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण में लागू की गई क्रीमी लेयर को शीघ्र ही नहीं हटाया गया, तो विरोध प्रदर्शन और तेज़ किया जाएगा।
बंद के दौरान, बस्तर के एसपी सलभ सिन्हा और डीएसपी महेश्वर नाग के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की। विक्रम लहरे ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सहायता और सहयोग से यह विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
साथ ही, उन्होंने बस्तर के विभिन्न संगठनों जैसे बस्तर चेम्बर, बस परिवहन संघ, लघु व्यापार संघ, आमचो टैक्सी संघ आदि का भी इस बंद को सफल बनाने में दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद किया। लहरे ने मीडिया के सहयोग को भी सराहा और सभी समाज प्रमुखों, पदाधिकारियों, और आम जनता को भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आंदोलन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
आगे, उन्होंने यह अपील भी की कि यदि जल्द ही अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण में क्रीमी लेयर को नहीं हटाया गया, तो समाज के पदाधिकारी गणों की बैठक कर इस संघर्ष को जारी रखने की योजना बनाई जाएगी।








