- सुकमा जिले में नक्सली नंगा हेमला का आत्मसमर्पण
- छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन योजना का असर
सुकमा।
छत्तीसगढ़ सरकार की “नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना का प्रभाव सुकमा जिले में लगातार देखा जा रहा है। इसी योजना से प्रभावित होकर, नक्सली संगठन के 60 वर्षीय सदस्य नंगा उर्फ नागेश हेमला ने आज दिनांक 06 सितंबर 2024 को सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।
नागेश हेमला, जो जोन्नागुडा आरपीसी जनताना सरकार का उपाध्यक्ष था, ने अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में पुलिस के लगातार बढ़ते प्रभाव, कैम्पों की स्थापना और नक्सलियों की अमानवीय विचारधारा से तंग आकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। हेमला के आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करने में 217 वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा की विशेष भूमिका रही।
हेमला ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया और उनके आत्मसमर्पण के दौरान द्वितीय कमान अधिकारी विरेन्द्र कुमार और निरीक्षक अविलाष टण्डन उपस्थित थे। हेमला का नक्सली संगठन में शामिल होने के बाद कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहना सामने आया है, जिनमें पुलिस पार्टी की रेकी करना, मार्गों पर स्पाइक और बम लगाना, मुख्य रास्तों को अवरुद्ध करना और शासन-विरोधी गतिविधियों में भाग लेना शामिल है। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत नागेश हेमला को पुनर्वास और सहायता के रूप में सरकार द्वारा जरूरी सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।









