कटघोरा। अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मनोज कुमार पिंगुवा ने गुरुवार को कटघोरा वनमंडल के चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हाथियों की निगरानी व्यवस्था और मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जमीनी स्तर पर समीक्षा की। पिंगुवा ने साफ किया कि हाथी और इंसान के बीच के संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना होगा।
सजगता से थमेगा गजराज का आतंक
निरीक्षण के दौरान एसीएस मनोज कुमार पिंगुवा खुद हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ जंगल में गश्त पर निकले। उन्होंने हाथियों की वर्तमान लोकेशन, उनके पारंपरिक विचरण मार्गों और निगरानी के लिए अपनाई जा रही मौजूदा प्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों और हाथी मित्र दल को संबोधित करते हुए पिंगुवा ने कहा कि ग्रामीणों को समय पर सतर्क करना और हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभाग को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद रहने की सख्त हिदायत दी।
डीएफओ की मौजूदगी में बांटी टॉर्च और सामग्री
हाथी मित्र दल के उत्साहवर्धन के लिए एसीएस ने उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वन विभाग और ग्रामीणों के बीच संवाद सेतु के रूप में यह दल प्रभावी काम कर रहा है। रात्रिकालीन गश्त को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए दल के सदस्यों को टॉर्च और पानी की बोतलों का वितरण भी किया गया। इस मौके पर कटघोरा वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) कुमार निशांत सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मैदानी अमला प्रमुख रूप से उपस्थित रहा।









