धमतरी (सत्यानंद सोई)।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री और रायपुर ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पंकज शर्मा ने कल धमतरी जिले के ग्राम कुरूद में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार की जघन्य घटना के बाद उनके परिजनों से निजी अस्पताल में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पंकज शर्मा ने पीड़ित परिवार के साथ संवेदना प्रकट की और घटना की निंदा करते हुए प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह घटना छत्तीसगढ़ में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था का प्रमाण है।
उन्होंने इस घटना को दिल को झकझोर देने वाली बताते हुए कहा कि राज्य में अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है और प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में विफल साबित हो रहा है। पंकज शर्मा ने कहा कि आए दिन मारपीट, हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं, और इसका मुख्य कारण शासन और प्रशासन की नाकामी है।
मुलाकात के दौरान पीड़ित बच्ची के परिजनों ने पंकज शर्मा को बताया कि घटना के बाद उन्हें अपनी बच्ची के इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े। लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की। इसके बाद एक स्थानीय दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार ने उनकी व्यथा सुनी और बच्ची की चिकित्सा व्यवस्था करवाई। इस पर पंकज शर्मा ने प्रशासन की कड़ी आलोचना की और कहा कि प्रशासन की आंख तब खुली जब एक पत्रकार ने मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति मानवता के लिए शर्मनाक है और यह प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
पंकज शर्मा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों पर पीड़ित परिवार को तत्काल सहयोग और मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह निंदनीय है कि प्रशासन पीड़ित परिवार की सहायता करने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक गरीब और व्यथित परिवार न्याय और इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है, जो शासन और प्रशासन की नाकामी का प्रमाण है।
इस दौरान पंकज शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पीड़ित बालिका के समुचित उपचार, शिक्षा, और भविष्य की सुरक्षा के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मुआवजा न केवल बालिका के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार लाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन को पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि उन्हें न्याय और समर्थन मिल सके।
पंकज शर्मा ने इस मामले में जागरूक और निर्भीक पत्रकार की भूमिका की सराहना की और कहा कि ऐसे पत्रकारों का साधुवाद है जिन्होंने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए बहरी सरकार को जगाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेता है, तब पत्रकार ही जनता की आवाज बनते हैं और समाज में बदलाव लाने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को अपनी लापरवाहियों को सुधारना होगा और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।
पंकज शर्मा ने अंत में कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और उनके लिए हर संभव मदद करेंगे।









