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छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलेगा 50% आरक्षण, शिक्षाकर्मियों का होगा संविलियन

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत और नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही, शिक्षाकर्मियों के संविलियन और नया रायपुर में जमीन खरीदने पर छूट देने जैसे कई अन्य अहम फैसले भी किए गए हैं।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दिया जाएगा। अब स्थानीय निकायों में OBC की जनसंख्या के अनुपात में अधिकतम 50 प्रतिशत तक आरक्षण की व्यवस्था होगी। उन निकायों में, जहां अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां OBC का आरक्षण लागू नहीं होगा। हालांकि, यदि SC और ST का आरक्षण 50 प्रतिशत से कम है, तो OBC को अधिकतम 50 प्रतिशत तक आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह आरक्षण उस निकाय की OBC आबादी से अधिक नहीं होगा।

शिक्षाकर्मियों का संविलियन और नई योजनाओं की घोषणा

कैबिनेट की बैठक में पंचायत संवर्ग के 97 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन करने का फैसला लिया गया है, जिससे उन्हें सरकारी सेवा में शामिल होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, प्रिंसिपल पद पर कार्यरत शिक्षकों को समयमान वेतनमान स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

राज्य की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से लागू होकर 31 अक्टूबर 2029 तक प्रभावी रहेगी। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार और बसाहट को प्रोत्साहित करने के लिए 31 मार्च 2026 तक निजी भूमि खरीदने पर स्टैंप ड्यूटी में छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक संस्थान, और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए रियायती दर पर जमीन आबंटन की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना फिर से शुरू होगी छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति, दिव्यांगजन, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को तीर्थ स्थानों की निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इस योजना के लिए 2024-25 के प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। साल 2019 से बंद पड़ी इस योजना को अब फिर से शुरू किया जा रहा है, ताकि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिल सके।

अन्य फैसले
छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। इससे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और गुणवत्ता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, अचल संपत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण फीस के युक्तियुक्तकरण का भी निर्णय लिया गया है, जिससे नागरिकों को लाभ होगा।

पंचायतों को अपने क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अब पंचायतें अपने क्षेत्रों में पीने के पानी की गुणवत्ता, नए कनेक्शन, वित्तीय प्रबंधन और मरम्मत जैसी गतिविधियों की देखरेख करेंगी। ग्राम सभा के अनुमोदन से जल प्रभार का निर्धारण और शिकायतों का निराकरण भी पंचायतों की जिम्मेदारी होगी।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने फर्मास्युटिकल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, कृषि उत्पाद संरक्षण, एनटीएफपी प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आईटी और आईटीईएस जैसे उद्योगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।

 

 

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