

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने राजीव लोचन महाराज पर की गई विवादित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। लखमा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी धर्म या संत की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं आदिवासी समाज से आता हूं, इसलिए संदर्भ में बात कही थी। देश में आदिवासी समाज में कई लोग तीन-तीन शादियां करते हैं।”
इससे पहले, आज बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के समर्थकों ने रायपुर के सिविल लाइन थाने पहुंचकर कवासी लखमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। दरअसल, छठ पूजा के मौके पर राजीव लोचन महाराज ने सनातन धर्म के अनुयायियों से चार-चार बच्चे पैदा करने की अपील की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कवासी लखमा ने राजीव लोचन महाराज को पहले शादी कर बच्चा पैदा करने का बयान दिया था।
राजीव लोचन महाराज की अपील के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई थी। लखमा के बयान से नाराज बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता लगातार रायपुर के विभिन्न थानों में जाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा, “संतों का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।”
कवासी लखमा ने अपने बयान में कहा था, “राजीव लोचन महाराज पहले खुद शादी करें और बच्चे पैदा करें, तब उन्हें पता चलेगा कि उनका पालन-पोषण करना कितना कठिन है। वे चार-चार बच्चे पैदा करने की बात कर रहे हैं, जबकि खुद शादी नहीं की।”
कवासी लखमा के इस बयान के बाद सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचे और लखमा के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। थाने के बाहर कार्यकर्ताओं ने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और लखमा से सार्वजनिक रूप से नाक रगड़कर माफी मांगने की मांग की।





