रायपुर।
रायपुर में बुधवार को एयर क्वालिटी की स्थिति सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शहर में प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने तय किया है कि अब खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगा।
बैठक में एयर क्वालिटी सुधारने के लिए विभिन्न कदम उठाने का निर्णय लिया गया। सड़कों के सुधार कार्यों को तेज किया जाएगा, और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर आरटीओ के अधिकारियों द्वारा लगातार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, 15 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए नागरिकों को जागरूक करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
15 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने की पहल
बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि 15 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करवाने के लिए शहरवासियों को जागरूक किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि पुरानी गाड़ियों से प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक बढ़ता है, और इन्हें स्क्रैप करने के उपायों को नागरिकों तक पहुंचाना जरूरी है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है और नागरिकों की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान शुरू किया जाएगा।
फैक्ट्रियों और उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी
बैठक में पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए कि वे शहर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाएं और सख्त कार्रवाई करें। इसके अलावा, उद्योगों और फैक्ट्रियों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को प्रदूषण नियंत्रण के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
एसटीपी वाटर से सड़कों में होगा छिड़काव
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर की धूल वाली सड़कों पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से प्राप्त treated वाटर का छिड़काव किया जाएगा। इससे धूल के कणों को नियंत्रित किया जा सकेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, शहर से निकलने वाले कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट का पुनर्चक्रण कर पेवर तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सके।










