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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर 11 संकल्प किए, भारत को विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने का जताया विश्वास

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नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसे ‘असाधारण’ करार दिया और यह कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के रास्ते पर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा का जवाब देते हुए देश के ऐतिहासिक सफर को याद किया और 11 संकल्पों का उल्लेख किया।

 

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प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत के संविधान ने देश को उन सभी संभावनाओं से परे एक नई दिशा दिखाई है, जिनका उस वक्त अनुमान लगाया गया था। आज भारत की स्थिति मजबूत हो रही है और यह जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के लिए तैयार है। हम, 140 करोड़ भारतीयों का यह संकल्प है कि हम स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे।”

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में जिन 11 संकल्पों का उल्लेख किया, वे देश के समग्र विकास और हर नागरिक के कर्तव्य पालन पर आधारित हैं:

प्रधानमंत्री मोदी के 11 संकल्प:

  1. कर्तव्यों का पालन – प्रत्येक नागरिक और सरकार अपने कर्तव्यों का करें पालन ।

  2. समाज का समग्र विकास – हर क्षेत्र और समाज को विकास का समान लाभ मिले, और सबका साथ-सबका विकास हो।

  3. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति – भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का सिद्धांत अपनाया जाए और भ्रष्टाचारियों की सामाजिक स्वीकार्यता खत्म हो।

  4. गर्व का भाव – देश के कानून, नियम और परंपराओं के पालन में नागरिकों को गर्व महसूस हो।

  5. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति – गुलामी की मानसिकता से मुक्ति मिले और लोग अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करें।

  6. परिवारवाद से मुक्ति – राजनीति में परिवारवाद की समाप्ति हो।

  7. संविधान का सम्मान – संविधान का सम्मान हो, राजनीति स्वार्थ के लिए संविधान को हथियार न बनाया जाए।

  8. आरक्षण का सम्मान – संविधान की भावना के अनुरूप आरक्षण की व्यवस्था बनी रहे और धर्म के आधार पर आरक्षण पर रोक लगे।

  9. महिला नीति में सुधार – महिला विकास के क्षेत्र में भारत को दुनिया के लिए आदर्श बनाना।

  10. राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास – राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास होगा, यह हमारा मंत्र है।

  11. एक भारत, श्रेष्ठ भारत – एक भारत, श्रेष्ठ भारत का ध्येय सर्वोपरि हो।

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