
- विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने किया प्रश्नकाल का बहिष्कार, हंगामा और निलंबन की कार्रवाई
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के चौथे दिन बजट सत्र के दौरान, कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा मचाते हुए दबाव की राजनीति का एक और उदाहरण पेश किया। जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, कांग्रेस विधायकों ने अपनी आवाज उठाई और स्पीकर की समझाइश को नकारते हुए सदन में शोरगुल मचाना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि विधायकों ने गर्भगृह में घुसकर अपनी निलंबन की राजनीति की।
विधानसभाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया निलंबन की घोषणा
विधानसभाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन की परंपरा के अनुसार, कांग्रेस विधायकों के गर्भगृह में घुसने के बाद उन्हें स्वतः निलंबित किया जाता है। नाम पढ़ने के बाद निलंबित कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर जाने की आदेश दिया गया। हालांकि, बाद में अध्यक्ष ने यह घोषणा की कि उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया।
विपक्ष का प्रश्नकाल का बहिष्कार
कांग्रेस विधायकों के सदन से बाहर जाने के बाद, स्पीकर ने बिना विपक्ष के ही प्रश्नकाल को आगे बढ़ाया। इस दौरान बिल्हा के विधायक धरमलाल कौशिक सदन में अनुपस्थित थे, जिसके चलते अजय चंद्राकर को उनके सवाल पूछने के लिए आमंत्रित किया गया।
अजय चंद्राकर ने साइबर क्राइम पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर विशेषज्ञता पर सवाल किए। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस पर जानकारी दी और बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर भवन का निर्माण किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा 4 दिसंबर 2024 को उद्घाटित किया गया है।
विधायक भावना बोहरा का सवाल
विधानसभा में पंडरिया की विधायक भावना बोहरा ने सड़क निर्माण और मरम्मत से संबंधित सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 56 सड़कें स्वीकृत होने के बाद भी पंडरिया की चार जर्जर सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं हो पा रही है।






