- नृशंस अपराध ने हिलाया भोपाल
- न्यायालय ने अतुल निहाले को दिया मौत का दंड
भोपाल।
शाहजहानाबाद की एक इमारत में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने मुख्य आरोपी अतुल निहाले को फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ श्रेणी में रखते हुए यह फैसला दिया।
24 सितंबर को लापता हुई बच्ची का शव 72 घंटे की गहन तलाश के बाद उसी बिल्डिंग के एक बंद फ्लैट की पानी की टंकी में मिला था। पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि आरोपी अतुल निहाले, जो बच्ची के घर के सामने रहता था, ने नगर निगम की फॉगिंग मशीन के धुएं का फायदा उठाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अतुल ने धुएं की आड़ में बच्ची को अपने कमरे में खींच लिया और कुछ ही मिनटों में उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में अतुल की मां बसंती और बहन चंचल को भी सबूत मिटाने और अपराध में सहयोग के लिए दो-दो साल की सजा सुनाई गई है।
गहन तलाश अभियान
बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था। इस अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मी, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया। पुलिस टीम ने शाहजहानाबाद क्षेत्र के लगभग 1000 फ्लैटों की तलाशी ली, जिसके बाद तीन दिन के अथक प्रयास के बाद बच्ची का शव बरामद हुआ।
न्यायिक कार्रवाई
विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत जघन्य श्रेणी में आता है और समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इस मामले को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ करार देते हुए अतुल निहाले को फांसी की सजा सुनाई।









