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सेवा और समर्पण को समर्पित एक भावपूर्ण दिवस
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज डे का आयोजन भावनाओं से भरे, उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। यह दिन नर्सिंग स्टाफ के निःस्वार्थ योगदान और सेवा भावना को समर्पित रहा — उन लोगों को जिन्होंने मरीजों की देखभाल को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता का धर्म बना लिया है।
इस अवसर पर बीएसपी हॉस्पिटल सेक्टर-9 की पूर्व नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट लेखा प्रकाश और खेमि एन. सोनटके उपस्थित रहीं। साथ ही अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक — डॉ. दारुका, डॉ. आकाश बक्शी, डॉ. साहू, डॉ. मंडल, डॉ. जीवनलाल और नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट बेला एस. डेनियल व सुमीत घोषाल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा में वृद्धि की।

नर्सों की भूमिका को मिला दिल से सम्मान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक कविता केजरीवाल दारुका ने कहा,
“नर्सें केवल चिकित्सकीय सहायता नहीं देतीं, वे आशा की किरण, ममता की मूर्ति और सहानुभूति की मिसाल होती हैं। उनकी सेवा के बिना चिकित्सा अधूरी है।”
सांस्कृतिक कार्यक्रम से बांधा समां
कार्यक्रम का संचालन डाइटिशियन ऋचा जैन और ललिता ने सुंदर ढंग से किया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां — गीत, नृत्य और नाट्य — ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और माहौल को उत्सव में बदल दिया।
नर्सों को समर्पित एक सजीव धन्यवाद
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक जीवंत धन्यवाद था — उन हाथों के लिए जो हर दिन मरीजों को सहारा देते हैं और उन दिलों के लिए जो हर धड़कन में सेवा की भावना रखते हैं। आरोग्यम परिवार ने इस अवसर के माध्यम से एक भावपूर्ण संदेश दिया:
“आपके बिना चिकित्सा अधूरी है, और जीवन की सेवा भी।”









