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फर्जी दस्तावेजों से रची गई साजिश
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जनदर्शन में फूट-फूट कर रोई बुजुर्ग मां
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जांच समिति करेगी पूरे मामले की जांच
सूरजपुर।
भैयाथान क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मशार कर दिया है। करकोटी गांव की बुजुर्ग महिला शैल कुमारी की आंखों में आंसू और दिल में गहरी पीड़ा है। उन्होंने शुक्रवार को जनदर्शन में सूरजपुर कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाई।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर बेची गई जमीन
शैल कुमारी का आरोप है कि उनके सौतेले बेटे वीरेंद्र दुबे ने भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर के साथ मिलकर उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवाया। इसके जरिए उनकी एक एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया।
दस्तावेजों में किया ‘मृत’ घोषित
महिला ने बताया कि वह जीवित हैं, लेकिन दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े में दस्तखत या अंगूठे की जरूरत ही नहीं रही। विभाग को सौंपे गए कागजातों में उन्हें मृत दर्शाकर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।
तहसीलदार को मिली जमीन के बदले ‘डील’?
शैल कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि इस फर्जी सौदे के बदले में तहसीलदार संजय राठौर को 40 डिसमिल जमीन दी गई, जिसकी रजिस्ट्री उनकी पत्नी के नाम पर की गई है।
कलेक्टर को रोते हुए सौंपी अर्जी
बुजुर्ग महिला ने जनदर्शन में कलेक्टर को रोते हुए अर्जी दी। उन्होंने कहा, “सौतेले बेटे ने आखिर अपना रंग दिखा दिया।” उन्होंने तहसीलदार संजय राठौर और बेटे वीरेंद्र दुबे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जमीन वापस दिलाने की मांग की।
जांच समिति गठित
सूरजपुर के अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति पूरे मामले की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।









