रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति की सूची में तकनीकी कारणों से वंचित जातियों—डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव, पबिया, पविया, पवीया और डोमरा समाज के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और छात्रावास में प्रवेश की सुविधा देने की स्वीकृति दी गई।
घरों की छत पर मुफ्त बिजली: सोलर संयंत्र योजना को मंजूरी
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने पर राज्य सहायता देने का फैसला लिया। 1 किलोवाट संयंत्र के लिए 45,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक के संयंत्र पर 1,08,000 रुपये तक की मदद दी जाएगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 संयंत्र लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का गठन
वन्यजीवों विशेषकर बाघों की तेजी से घटती संख्या को देखते हुए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ के गठन का निर्णय लिया गया है। यह संस्था बाघ संरक्षण, ईको-पर्यटन और पर्यावरणीय शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देगी। स्थानीय समुदायों को रोजगार और पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
रामकृष्ण मिशन से जुड़ी संस्थाओं का एकीकरण
रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें’’ को आश्रम में मर्ज करने की मंजूरी दी गई।
बेमेतरा जिले को मिला उद्यानिकी महाविद्यालय
बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में 100 एकड़ भूमि पर उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना हेतु भूमि निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
JashPure ब्रांड को मिलेगा नया जीवन
जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पादों को बाजार में बढ़ावा देने के लिए ‘JashPure’ ब्रांड को राज्य सरकार या CSIDC को सौंपने की स्वीकृति दी गई है। इससे ग्रामीण महिलाओं को नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को मिलेगा सम्मानजनक विकल्प
नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अब राज्य के किसी भी विभाग व जिले में अनुकंपा नियुक्ति का विकल्प मिलेगा। पहले यह सुविधा केवल उसी विभाग तक सीमित थी।
गौण खनिजों के अन्वेषण हेतु SMET का गठन
गौण खनिजों की खोज और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’’ (SMET) का गठन किया गया है। इससे उच्च तकनीक और मानव संसाधन उन्नयन को बढ़ावा मिलेगा।









