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पत्रकारों का गुस्सा सड़कों पर
रायपुर।
रायपुर प्रेस क्लब के नेतृत्व में पत्रकारों ने चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा अस्पतालों में समाचार संकलन को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर और महासचिव वैभव शिव पांडेय के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित पत्रकारों ने एकस्वर में चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार इस आदेश को शीघ्र निरस्त नहीं करती तो क्रमबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री निवास के सामने हो चुका है प्रदर्शन
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मेकाहारा अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों और पत्रकारों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रायपुर प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री निवास के सामने देर रात तक प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से दूरभाष पर बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था।
मीडिया पर सेंसरशिप जैसे आदेश से भड़के पत्रकार
स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था सुधारने के बजाय 13 जून को मीडिया सेंसरशिप के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए, जिसकी जानकारी 17 जून को सार्वजनिक हुई। इसके बाद पूरे राज्य में पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकार संगठनों और संस्थाओं ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
“बंदिशें स्वीकार नहीं” – सुधीर आज़ाद तम्बोली
इस विषय में ‘सपोर्ट जर्नलिज्म’ मुहिम का नेतृत्व कर रहे पत्रकार सुधीर आज़ाद तम्बोली ने दो टूक कहा कि समाचार संकलन को लेकर पत्रकारों पर किसी भी प्रकार की बंदिशें कतई स्वीकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अनुमति लेकर खबर बनानी पड़े – यह अलोकतांत्रिक है। यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया, तो पत्रकारिता के हित में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन राजधानी रायपुर में किया जाएगा।









