रायपुर।
राजधानी रायपुर के ग्राम फुंडहर (प.ह.नं.-68, रा.नि.मं.-रायपुर-10, जिला रायपुर) में रहने वाले किसानों ने हीरा ग्रुप से जुड़े रितेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि रितेश कुमार शासन-प्रशासन पर दबाव बनाकर उनके पैतृक मकानों को गिरवाने की साजिश रच रहा है।
जमीन के रास्ते के लिए घर उजाड़ने की साजिश?
किसानों का आरोप है कि रितेश कुमार अपनी जमीन से रास्ता निकालने के लिए छल-कपट और दबाव के जरिए उनके और आसपास के किसानों के घरों को तुड़वाना चाहता है, ताकि एक विशेष व्यक्ति को लाभ मिल सके।

30 वर्षों से रह रहे हैं किसान अपने पैतृक घरों में
पीड़ित परिवारों ने जानकारी दी कि वे लगभग 30 वर्षों से उसी भूमि पर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। यह भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है, जिसकी ऋण पुस्तिका क्रमांक 4243392 है। किसानों का यह भी कहना है कि अब तक उन्हें किसी भी अधिकृत अधिकारी — जैसे पटवारी, आर.आई., तहसीलदार या कलेक्टर कार्यालय — से सीमांकन अथवा निर्माण हटाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है। बल्कि उन्हें यह सूचना तहसील कार्यालय में एक मित्र के माध्यम से मिली।
प्रशासन को चेतावनी: “हम आत्मदाह करेंगे”
बनस राम निषाद (किसान), श्रीमती सावन बाई निषाद (किसान), रामानंद निषाद (किसान), सम्पत निषाद (किसान), घनाराम निषाद (किसान), धर्मेन्द्र निषाद (किसान), श्रीमती इंदिरा बाई (किसान) सहित अन्य स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से इस कार्य को रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनके घरों को तोड़ा गया तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी रितेश कुमार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से इस दुष्कृत्य को तुरंत प्रभाव से रोकने की अपील की है और गरीब किसानों के घरों को टूटने से बचाने की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।









