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रायपुर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
रायपुर.
संत निरंकारी मिशन के पूजनीय राजपिता जी का पहली बार छत्तीसगढ़ की पावन धरती रायपुर में शुभ आगमन हो रहा है। उनके आगमन को लेकर भक्तों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है और उनके पावन दर्शन के लिए श्रद्धालु उत्सुक हैं। रायपुर के कृषि उपज मंडी में दिनांक 5 अगस्त 2025 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक एक विशाल प्रादेशिक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया जाएगा।
अध्यात्म का महासंगम
इस संत समागम में समाज के सभी वर्ग के लोग बिना किसी जाति भेद के सम्मिलित होंगे। संपूर्ण छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और महाराष्ट्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त इस आयोजन में उपस्थित होने की सूचना है। संत निरंकारी मिशन एक ईश्वर की पहचान कराकर फिर इसके निर्गुण स्वरूप की भक्ति करने का संदेश देता है। मिशन का मानना है कि निर्गुण निरंकार की जानकारी सगुण सतगुरु के द्वारा ही होती है, जिसकी पुष्टि सभी धर्म ग्रंथ भी करते हैं।
मानवता का संदेश
निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षा है कि “मानव को हो मानव प्यारा एक दूसरे का बने सहारा।” यह संदेश देता है कि सभी मानव एक समान हैं और उनमें जो भेद नजर आते हैं, वे केवल अज्ञानता के कारण ही हैं। जिस दिन एक ईश्वर की सत्य की पहचान हो जाती है, उस दिन से ही सारे भ्रम और भेद मिट जाते हैं और एक ईश्वर का स्वरूप सभी के भीतर नजर आने लगता है।
समाज सेवा के कार्य
संत निरंकारी मिशन जहां आत्मा के कल्याण हेतु कार्य कर रहा है, वहीं समाज कल्याण के लिए भी अनेक कार्य विगत अनेक वर्षों से कर रहा है। इनमें रक्तदान शिविरों का आयोजन, स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण जैसे कार्य प्रमुख हैं। संत निरंकारी मिशन सादी शादियों पर भी जोर देता है और विवाह पर किसी भी प्रकार के दिखावे से परहेज करने की प्रेरणा देता है। सतगुरु ने अनेक वर्ष पहले ही मिशन में पूर्ण नशाबंदी का आदेश कर दिया था, जिसका पालन मिशन के अनुयायी करते आ रहे हैं।
तैयारियां जोरों पर
राजपिता जी के आगमन और सत्संग की तैयारियों को लेकर रायपुर के जोनल इंचार्ज गुरबक्श सिंह कालरा स्वयं कृषि उपज मंडी में सारे दिन उपस्थित रहकर अपनी निगरानी में सेवादारों के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम की जानकारी ब्रांच के मीडिया प्रभारी प्रेम सिंह धामी ने दी।









