बेमेतरा।
धर्म की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख समाज बेमेतरा द्वारा एक विशेष तीर्थयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा ट्रेन के माध्यम से पटना साहिब स्थित ‘गुरु का बाग साहिब’ में श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए होगी। इस ऐतिहासिक यात्रा में पूरे छत्तीसगढ़ से सैकड़ों श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। यात्रा के दौरान भाई सती दास, भाई मती दास और भाई दयाला के 350वें शहीदी दिवस को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा। साथ ही, गुरु गोबिंद सिंह का 350वां गुरतागद्दी दिवस भी मनाया जाएगा।
ऐतिहासिक गुरु का बाग साहिब: एक पवित्र स्थल
छत्तीसगढ़ सिख समाज के अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंहोत्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘गुरु का बाग साहिब’ वह पवित्र स्थान है, जहां सन् 1666 में गुरु तेग बहादुर साहिब ने अपने चरण स्पर्श किए थे। इससे पूर्व, सन् 1509 में गुरु नानक देव भी अपने धर्म प्रचार के क्रम में यहां पधारे थे। यह स्थल हरे-भरे सूखे बाग में स्थित है, जहां उस इमली के पेड़ की डाली आज भी सुरक्षित है जिसके नीचे गुरु जी ने विश्राम किया था। वहीं एक ऐतिहासिक कुआं भी निर्मित है, जहां देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। यह स्थल तख्त श्री पटना साहिब, जो कि सिखों के पांच पवित्र तख्तों में से एक है, की पवित्र भूमि का हिस्सा है।
तीर्थयात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
यह विशेष तीर्थयात्रा 7 सितंबर 2025 को बेमेतरा से आरंभ होगी। श्रद्धालु बेमेतरा से रायपुर पहुंचकर ट्रेन द्वारा पटना के लिए प्रस्थान करेंगे।
9 सितंबर 2025:
पटना साहिब पहुंचकर ‘गुरु का बाग साहिब’ में पवित्र स्थल के दर्शन किए जाएंगे और विशेष फेरी में भागीदारी की जाएगी।
10 सितंबर 2025:
राजगीर स्थित ‘गुरुद्वारा शीतल कुंड साहिब’ में दर्शन किए जाएंगे, जो गुरु नानक देव से संबंधित है।
12 सितंबर 2025:
यात्रा रायपुर लौटकर पूर्ण होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और समाज की अपील
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा वरिष्ठ जत्थेदारों की नियुक्ति की गई है, जिनमें इंदर सिंह दत्ता, यश सिंह सलूजा, हरदीप सिंह राजा और गुरप्रीत कौर शैली संगत को सहयोग करेंगे। छत्तीसगढ़ सिख समाज सभी श्रद्धालु संगत से अपील करता है कि इस ऐतिहासिक एवं पुण्य यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर गुरुओं की वाणी और बलिदान को स्मरण करें और अपने जीवन को कृतार्थ करें। पवित्र यात्रा संबंधित जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ सिख समाज ने एक हेल्पलाइन नंबर 9098571111 भी जारी किया है।






