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महाराष्ट्र में 20 हजार किसानों के सम्मेलन को केंद्रीय कृषि मंत्री ने संबोधित किया
नई दिल्ली।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के बीड जिले के सिरसला स्थित ग्लोबल विकास ट्रस्ट (जीवीटी) कृषिकुल में आयोजित 20 हजार किसान भाई-बहनों के सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन से पूर्व उन्होंने किसानों से आमने-सामने संवाद किया और खेती में नवाचार, प्राकृतिक खेती, रेशम पालन व जल संचय पर उनकी पहल की जानकारी ली।
किसानों से सीधा संवाद
चौहान ने किसानों से उनके अनुभव सुने और जीवीटी द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीवीटी ने किसानों की आय में सुधार का जो मार्ग प्रशस्त किया है, उसे अन्य गांवों तक पहुंचाना चाहिए। उनका संकल्प है कि कोई भी किसान भाई-बहन मजबूरी में आत्महत्या का मार्ग न चुने।
किसान हैं देश के अन्नदाता
मुख्य सम्मेलन में संबोधन के दौरान चौहान ने कहा कि किसान सिर्फ किसान नहीं, बल्कि अन्नदाता और जीवनदाता हैं। उन्होंने बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के माध्यम से वैज्ञानिकों ने प्रयोगशालाओं से निकलकर खेतों में जाकर किसानों से सीधा संवाद किया है।
बीमा राशि और राहत पैकेज की गारंटी
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को बीमा राशि की पाई-पाई का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अत्यधिक बारिश से फसलें प्रभावित हुई हैं, ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की मदद करेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को एनडीआरएफ फंड और आवश्यकता होने पर विशेष राहत पैकेज भी दिया जाएगा।
जलवायु अनुकूल बीज और प्राकृतिक खेती पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ऐसे बीज विकसित करने होंगे जो अत्यधिक बारिश और सूखे दोनों परिस्थितियों में टिके रहें। उन्होंने प्राकृतिक खेती, गौ-आधारित खेती और जैविक उपायों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों को
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि उर्वरक सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरित हो।
खाद्य प्रसंस्करण और क्लस्टर खेती की दिशा में पहल
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले, इसके लिए दो कदम जरूरी हैं—
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पूरा गांव क्लस्टर के रूप में संगठित होकर कार्य करे ताकि व्यापारी सीधे खरीद करें।
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गांव स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाए।
उन्होंने बताया कि इसके लिए वे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान के साथ मिलकर काम करेंगे।
जल संचय पर जोर
चौहान ने कहा कि सूखाग्रस्त ब्लॉकों में मनरेगा की 65 प्रतिशत राशि जल संरक्षण गतिविधियों पर खर्च की जाएगी। उन्होंने किसानों को एकीकृत खेती अपनाने की सलाह दी, जिसमें मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, पशुपालन जैसे विकल्प शामिल हों।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 30 लाख मकान
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महाराष्ट्र को अब तक 30 लाख मकान मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि नए सर्वे के बाद पात्र लोगों को भी मकान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
नकली खाद-बीज पर सख्त कानून आएगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी बजट सत्र में नकली खाद, बीज और कीटनाशक के खिलाफ बिल लाया जाएगा। उन्होंने इस पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर बधाई
कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सभी किसान भाई-बहनों और देशवासियों को बधाई दी।










