- प्रथम चरण में 84 किमी डामरीकरण हुआ पूरा
- द्वितीय चरण में 13,888 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
बलरामपुर।
विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीटीजी) के सामाजिक-आर्थिक उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बलरामपुर जिले में सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यह योजना दूरस्थ वनांचलों तक विकास पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस पहल से पीवीटीजी समुदाय—पहाड़ी कोरवा एवं पंडो—जो वर्षों से दुर्गम पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में निवासरत हैं, अब बेहतर सड़क संपर्क से मंडी, अस्पताल, विद्यालय व कृषि बाजारों तक सुगमता से पहुंच पा रहे हैं। बरसात के मौसम में जिन गांवों का संपर्क देश के शेष हिस्सों से टूट जाता था, वहां अब वर्षभर निर्बाध आवागमन संभव हो रहा है।
प्रथम चरण: 29 सड़कें पूर्ण, 5,000 लोग लाभान्वित
वित्तीय वर्ष 2023-24 में योजना के प्रथम चरण के तहत 72 सड़कों (कुल लंबाई 300.05 किमी) को स्वीकृति मिली थी। इनमें से 29 सड़कों (लंबाई 84.35 किमी) पर डामरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन सड़कों के बन जाने से लगभग 5,000 लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
द्वितीय चरण: मार्च 2026 तक 58 नई सड़कों का लक्ष्य
वर्ष 2024-25 में दूसरे चरण की शुरुआत के साथ 58 नई सड़कों (लंबाई 117.93 किमी) को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सड़कों के पूर्ण हो जाने पर लगभग 13,888 लोगों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना से न केवल सड़क कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि दूरस्थ जनजातीय समुदायों के सामाजिक विकास, आर्थिक भागीदारी और जीवन स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज हुआ है। यह पहल पीवीटीजी समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।









