महासमुंद (ओमदर्पण न्यूज़)।
महासमुंद विधानसभा क्षेत्र का ग्राम पंचायत अछोली इन दिनों उद्योग के नाम पर ‘विनाश’ झेलने को मजबूर है। गांव में संचालित पिकाडली कंपनी और आसपास की 30 से अधिक पत्थर खदानों व क्रशरों ने अछोली की आबोहवा को पूरी तरह प्रदूषित कर दिया है। हालात इतने बदतर हैं कि गांव की सड़कों पर अब इंसानों से ज्यादा गिट्टी और पत्थरों से लदे हाईवा दौड़ते नजर आते हैं, जिनके पीछे उड़ने वाले धूल के गुबार से दिन में भी दृश्यता (Visibility) कम हो जाती है।
राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू ने ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है।
रोज गुजरते हैं 50 से अधिक ओवरलोड हाईवा
ग्रामीणों ने बताया कि हर दिन सुबह से लेकर देर रात तक 50 से अधिक ओवरलोड हाईवा इस गांव से होकर गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण डामर की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। अब सड़क के नाम पर वहां सिर्फ नुकीले पत्थर और गहरे गड्ढे ही बचे हैं।
पिकाडली के काम से भी बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि पिकाडली संचालक ने गांव के पास जगह-जगह पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की थी, लेकिन काम के बाद सड़क पर ही पत्थर और मिट्टी के ढेर छोड़ दिए गए। इन ढेरों के कारण मवेशियों, बच्चों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा काफी बढ़ गया है।
10 मिनट में गंदे हो रहे कपड़े, सेहत पर पड़ रहा सीधा असर
धूल और प्रदूषण का असर अब सीधे तौर पर लोगों की सेहत और दैनिक जीवन पर दिखने लगा है। गांव की महिलाओं ने बताया कि घरों के आंगन से लेकर रसोई तक धूल की मोटी परत जमी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर वे कपड़े सुखाते हैं, तो महज 10 मिनट में ही वे धूल से सफेद होकर गंदे हो जाते हैं। हवा में फैले प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अशवंत तुषार साहू और आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया और प्रदूषण पर लगाम नहीं कसी, तो उन्हें मजबूरन बड़ा कदम उठाना पड़ेगा।









