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युवक घर पर ही छाप रहा था 500 के नोट— जाने कैसे

युवक घर पर ही छाप रहा था 500 के नोट
युवक घर पर ही छाप रहा था 500 के नोट

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  • 30 लाख की कच्ची सामग्री, कंप्यूटर-प्रिंटर जब्त

भोपाल.

भोपाल की पिपलानी पुलिस ने शुक्रवार शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शांति नगर झुग्गी बस्ती के पास से उत्तर प्रदेश निवासी विवेक यादव को गिरफ्तार किया है, जो अपने घर में ही कंप्यूटर और प्रिंटर के जरिए जाली नोट छाप रहा था।

आरोपी के ठिकाने से 2.25 लाख रुपये के तैयार नकली नोट और लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री बरामद की गई है।

सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार शाम को शांति नगर झुग्गी बस्ती के पास एक युवक द्वारा नकली नोट खपाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पिपलानी पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान 10वीं पास विवेक यादव के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से 500-500 रुपये के 23 नकली नोट मिले।

घर में मिली नोट छापने की ‘टकसाल’

पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने घर पर नकली नोट छापने की बात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर जब पुलिस टीम उसके घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। आरोपी ने घर में एक मिनी प्रिंटिंग यूनिट तैयार कर रखी थी।

पुलिस ने मौके से 500 रुपये के कुल 428 नकली नोट (कुल 2.25 लाख रुपये), एक कंप्यूटर, हाई-क्वालिटी प्रिंटर, स्कैनर, विशेष इंक और नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री जब्त की।

प्रिंटिंग प्रेस के अनुभव और ट्यूटोरियल से सीखी तकनीक

पूछताछ में पता चला कि विवेक यादव पहले एक प्रिंटिंग प्रेस में काम कर चुका है और उसे छपाई का अनुभव है। उसने कई अंग्रेजी लेखकों की किताबें और ऑनलाइन ट्यूटोरियल देखकर फेक करेंसी तैयार करने की यह तकनीक सीखी थी। वह पिछले कई महीनों से इस काम को अंजाम दे रहा था और सारा कच्चा माल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मंगाता था।

नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि बरामद सामग्री और आरोपी से मिली जानकारियों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवेक ने ये नकली नोट अब तक किन-किन जगहों पर चलाए हैं, उसके इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और क्या इस रैकेट के तार अन्य शहरों तक भी फैले हुए हैं।

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