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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और कलेक्टर अमित कुमार की निगरानी में सुदृढ़ हुईं स्वास्थ्य सेवाएं
✍️ विशेष संवाददाता
सुकमा | सुकमा जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और जिला प्रशासन के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाएं अब जीवनरक्षक सिद्ध हो रही हैं। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता तथा चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। इसी निगरानी और त्वरित चिकित्सकीय प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम हाल ही में जटिल प्रसव के दो मामलों में देखने को मिला, जहां चिकित्सकों ने समय पर उपचार कर दो माताओं की जान बचाई।
पहली घटना आठ जुलाई दो हजार छब्बीस की है, जब ग्राम कुन्दनपाल (कुकानार) निवासी बयालीस वर्षीय सुकड़ी को गंभीर एनीमिया और प्रसव पीड़ा के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान पता चला कि उनका गर्भाशय कई स्थानों से फट चुका था। सिविल सर्जन एम.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में स्त्री रोग विशेषज्ञ अनुजा चाटे और उनकी टीम ने रक्त चढ़ाकर तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सफल ऑपरेशन के बाद सुकड़ी को उन्नीस जुलाई को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विमला और नवजात को मिला नया जीवन
एक अन्य मामले में पंद्रह जुलाई को ग्राम कोडरीपाल निवासी बाईस वर्षीय विमला को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। जांच में उनका भी गर्भाशय फटा हुआ पाया गया, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा था। चिकित्सकीय टीम ने तत्काल ऑपरेशन कर मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचा लिया। सफल उपचार के बाद विमला को इक्कीस जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी गई। सरकार की जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था और समर्पित चिकित्सकीय टीम के इन प्रयासों से अब जिला अस्पताल पर आम जनता का भरोसा निरंतर बढ़ रहा है।








