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केजरीवाल ने वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर लगाया गुंडागर्दी का आरोप
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कहा- 140 करोड़ लोगों को दबाना नामुमकिन
नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-बीस (E20) ईंधन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी आवाज उठाने से रोक रही है और जो भी इसके खिलाफ बोलता है, उसके सोशल मीडिया पेज डाउन कर दिए जाते हैं या वीडियो हटा दिए जाते हैं। एक साझा किए गए वीडियो में उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है और उन्हें विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों की आवाज को कैसे दबा पाएंगे।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की पुलिस के बीच एक काल्पनिक प्रतियोगिता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जहां ट्रम्प और पुतिन की पुलिस ने कम समय में शेर खोज लिया, वहीं मोदी की पुलिस कई दिनों बाद एक कुत्ते को पीटते हुए लाई और उससे कहलवाने लगी कि वह शेर है। केजरीवाल के अनुसार, आज देश की स्थिति यही है जहां एक सौ चालीस करोड़ लोगों को प्रताड़ित कर यह कहलवाया जा रहा है कि ई-बीस सही है।
मंत्रालय ने भ्रामक दावों को नकारा, वाहन मालिकों में नाराजगी
इधर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर मिश्रित ईंधन को लेकर चल रहे दावों को भ्रामक और निराधार करार दिया है। मंत्रालय का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है और अमेरिका, ब्राजील व जापान जैसे देशों में यह सफल रहा है। हालांकि, भारत में विशेषकर दो हजार तेईस से पहले की पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों में ई-बीस को लेकर रोष है। वाहन मालिकों का दावा है कि बीस प्रतिशत एथेनॉल और अस्सी प्रतिशत पेट्रोल के इस मिश्रण से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन के पुर्जे जल्दी खराब होने से रखरखाव का खर्च बढ़ गया है।









