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जिले की अड़सठ पंचायतों को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य, स्वच्छाग्रही दीदियां संभालेंगी कमान
✍️ विशेष संवाददाता
जांजगीर-चांपा | जांजगीर-चांपा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस अभियान के तहत पंद्रह अगस्त दो हजार छब्बीस तक जिले की प्रत्येक जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत को सौ प्रतिशत कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता गतिविधियों से जोड़कर मॉडल स्वच्छता ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पश्चात चरणबद्ध तरीके से तीस अक्टूबर दो हजार छब्बीस तक जिले की अड़सठ ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था से कवर किया जाएगा।
अभियान के प्रथम चरण में नवागढ़ जनपद पंचायत के करमंदी, बलौदा के जुनाडीह, बम्हनीडीह के भागोडीह, अकलतरा के अमलीपाली और पामगढ़ के जोगीडीपा ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, घर-घर नियमित संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यूजर चार्ज की वसूली भी प्रभावी की जाएगी।
चार श्रेणियों में कचरा पृथक्करण और मॉनिटरिंग
कचरा प्रबंधन के लिए ग्रामीणों को चार रंगों के डिब्बों के उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। गीले कचरे के लिए हरे, सूखे के लिए नीले, सेनेटरी के लिए लाल और खतरनाक कचरे के लिए काले डिब्बे का प्रयोग होगा। स्वच्छाग्रही दीदियां और संग्रहण दल घर-घर कचरा एकत्र करेंगे। निगरानी समितियां, जिसमें पंचायत प्रतिनिधि और स्वच्छाग्रही दीदियां शामिल हैं, नियमित मॉनिटरिंग कर गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम करेंगी।









