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किस्तों की बचत को आजीविका में बदलकर राशी कँवर ने पेश की मिसाल
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
✍️ विशेष संवाददाता
रायगढ़ | रायगढ़ की रहने वाली राशी कँवर ने अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता को पीछे छोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए उन्होंने इसे खर्च करने के बजाय नियमित रूप से बचाया और अपने लिए एक सिलाई मशीन खरीदी। आज यह मशीन न केवल उनके घरेलू उपयोग की वस्तु है, बल्कि उनके स्वावलंबन और आजीविका का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
राशी कँवर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें योजना की किस्तें प्राप्त हुईं, जिन्हें उन्होंने सुरक्षित रखा। इन जमा पैसों से खरीदी गई सिलाई मशीन ने उनके जीवन-यापन की राह को सरल बना दिया है। वह अब स्वयं के पैरों पर खड़ी होकर निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं। राशी के अनुसार, यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है।
आर्थिक संबल से स्वरोजगार की दिशा में कदम
महतारी वंदन योजना का मूल उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संबल देना है। राशी कँवर ने इस अवसर को पहचानते हुए घर से ही कार्य शुरू किया और आय का साधन विकसित किया। उनकी तरह जिले की अन्य महिलाएं भी इस राशि का उपयोग परिवार की बुनियादी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में कर रही हैं। कई महिलाएं छोटे-छोटे आजीविका साधनों में निवेश कर परिवार के आर्थिक निर्णयों में अपनी भागीदारी और आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं। राशी कँवर ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
तीसवीं किस्त के तहत करोड़ों की राशि का हस्तांतरण
प्रदेश में महतारी वंदन योजना के प्रति महिलाओं का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। योजना की तीसवीं किस्त के माध्यम से राज्य की सड़सठ लाख बीस हजार एक सौ पच्चीस पात्र महिलाओं के बैंक खातों में छह सौ तीस दशमलव पांच पांच करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के जरिए भेजी गई है। इस भुगतान में रायगढ़ जिले की लाभार्थी महिलाएं भी शामिल हैं। नियमित आर्थिक मदद ने महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च और बचत करने की स्वतंत्रता प्रदान की है।









