नई दिल्ली।
देश की राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रतिष्ठित ‘शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 29 और 30 जनवरी 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सबसे बड़ी खबर यह निकलकर आई कि छत्तीसगढ़ महिला आयोग द्वारा की जा रही जनसुनवाई की प्रक्रिया अब पूरे देश के लिए नजीर बन गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को अब देशभर के महिला आयोगों द्वारा अपनाया जाएगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सचिव रमेश कुमार साहू ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। इस भव्य आयोजन की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता थीं, जिन्होंने सभी राज्यों से आईं महिला आयोग की अध्यक्षों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
सत्र के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने छत्तीसगढ़ में चल रही जनसुनवाई प्रक्रिया की खुले मंच से सराहना की। उन्होंने बताया कि अपने 9 माह के कार्यकाल में उन्होंने स्वयं 85 जनसुनवाई कर महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाया है। इसी तर्ज पर अब अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 से 13 मार्च) के अवसर पर देश के 400 जिलों में जनसुनवाई का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत सभी राज्यों के महिला आयोगों को 6 दिनों के भीतर अपने समस्त जिलों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, जिसकी विस्तृत रूपरेखा राष्ट्रीय आयोग द्वारा जल्द भेजी जाएगी।
शक्ति संवाद में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति का भी सम्मान हुआ। राष्ट्रीय महिला आयोग ने सभी राज्यों से ‘लखपति दीदी’ की पेंटिंग मंगवाई थी। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के कुम्हारपारा की लखपति दीदी सोनीबाई चक्रधारी द्वारा बनाई गई पेंटिंग राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को भेंट की गई। आयोग द्वारा इन पेंटिंग्स की एक भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें छत्तीसगढ़ का यह हुनर पूरे देश के सामने होगा।






