भिलाई (रोहितास सिंह भुवाल)।
भिलाई बचाओ आंदोलन के दूसरे चरण के तहत भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों टाउनशिपवासी भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) सेल प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतर आए। बीएसपी प्रबंधन के निर्णयों का विरोध जताते हुए सिविक सेंटर पार्किंग से लेकर 25 मिलियन सेक्टर-5 चौक तक 1000 कदम (लगभग 1 किलोमीटर) की मौन पदयात्रा निकाली गई।
30 दिन में जनहित में निर्णय लें, वरना होगा घेराव
ज्ञात हो कि 24 दिसंबर 2025 को बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों से हुई चर्चा के अनुसार लोगों के हितों से जुड़े विषयों को लेकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 दिन के भीतर प्रबंधन जनहित में कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो वे इस्पात भवन का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सेवानिवृत्त कर्मचारी से लेकर बच्चे तक हुए शामिल
सिविक सेंटर पार्किंग से शुरू हुई इस मौन पदयात्रा में बड़ी संख्या में बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारी, लीजधारी, सिविक सेंटर सहित टाउनशिप के व्यापारीगण और रिटेंशनधारियों के परिवारों के बच्चे व बुजुर्ग शामिल हुए। सभी ने विधायक देवेंद्र यादव के साथ कदम ताल कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस पदयात्रा में विधायक देवेंद्र यादव के साथ भिलाई महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, नीता लोधी, सभापति गिरवर बंटी साहू, हाउस लीज संघर्ष समिति के राजेंद्र परगनिहा, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एंथोनी, साकेत चंद्राकर, संदीप निरंकारी, केशव चौबे, एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, चंद्र शेखर गवई, जोन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव और राजेश चौधरी शामिल रहे।
पार्षदों में सुभद्रा सिंह, नोमिन साहू, साधना सिंह, डी. सुजाता, अभिषेक मिश्रा, अभय सोनी, सुरेश वर्मा, के. जगदीश, शुभम झा और रिसाली निगम के पार्षद सनीर साहू ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अतुलचंद साहू, अरुण सिसोदिया, डी. काम राजू, मनोज पांडेय, जिला कांग्रेस महामंत्री सुमीत पवार, निरंजन बिसाई, आशीष शुक्ला, दीपांशु वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू खान, सौरभ मिश्रा, सौरभ दत्ता, दानेश्वरी साहू, जी. राजू, नरसिंग नाथ, दिनेश पटेल, एम. गोपाल, शुभम वर्मा, अभय प्रताप सिंह, इमाम, जुल्फीकार सिद्दीकी, आकाश कन्नौजे, इमाम खान, केतन तिवारी, राहुल शर्मा के साथ-साथ सीटू (CITU), एटक (AITUC), एक्टू (AICCTU), एचएमएस (HMS) समेत अन्य श्रमिक यूनियनों के पदाधिकारी भी इस आंदोलन में शामिल हुए।









