हैदराबाद (ओमदर्पण न्यूज़)। भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी (NMDC) लिमिटेड में भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (आईआरपीएस) के 1998 बैच के अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर ने निदेशक (कार्मिक) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
कृष्ण कुमार ठाकुर के पास भारतीय रेलवे और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) में काम करने का लगभग ढाई दशक (25 वर्ष) का व्यापक अनुभव है। उन्हें मुख्य रूप से मानव संसाधन (HR) प्रबंधन और प्रशासन में विशेषज्ञता हासिल है।
रेलवे में 12,000 कर्मचारियों की भर्ती का किया था नेतृत्व
अपने लंबे करियर के दौरान, ठाकुर ने सोलापुर, भोपाल और मुंबई सहित प्रमुख रेलवे डिवीजनों में महत्वपूर्ण मानव संसाधन कार्यों को संभाला है। पश्चिमी रेलवे के भर्ती प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने 12,000 कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर की गई भर्ती का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में जटिल औद्योगिक संबंधों का प्रबंधन, उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण को बढ़ाने के लिए कई प्रगतिशील एचआर पहलें शुरू की गई थीं।
RITES, KRCL और BHEL में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
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राइट्स (RITES): इस कार्यकाल के दौरान वे सऊदी अरब में एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेन संचालन परियोजना से जुड़े रहे।
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कोंकण रेलवे (KRCL): यहां उन्होंने मानव संसाधन विभाग का नेतृत्व किया और एचआर नीतियों व प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई।
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भेल (BHEL): एनएमडीसी में आने से पहले वे BHEL में निदेशक (एचआर) के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने एचआर, विधि और एचएसई में कार्यप्रणालियों का पुनर्गठन, नीतिगत सुधार, एक समान प्रोत्साहन योजना और कर्मचारियों के कौशल विकास (बहु-कौशल पहल) जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि कृष्ण कुमार ठाकुर ने तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर से साहित्य में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिष्ठित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से मानव संसाधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (PGDM-HR) भी किया है।
माना जा रहा है कि भारतीय रेलवे और बड़े केंद्रीय उपक्रमों में ठाकुर का यह व्यापक अनुभव एनएमडीसी के जन-केंद्रित इकोसिस्टम को मजबूत करने और संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ कर्मचारी विकास को गति देने में बेहद सहायक साबित होगा।








