दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।
दुर्ग जिले के नन्हें शतरंज खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ स्टेट अंडर-7 ओपन एवं बालिका वर्ग शतरंज चैंपियनशिप’ में दुर्ग की श्रेष्ठा भारद्वाज ने बालिका वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है। वहीं, अंडर-7 ओपन वर्ग में दुर्ग के ही मेधांश सोरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब जीता है। इन दोनों खिलाड़ियों का चयन अब राष्ट्रीय शतरंज स्पर्धा के लिए हो गया है, जहाँ वे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
6 चक्रों के मुकाबले में हासिल किए 5-5 अंक
छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के तत्वावधान में 2 और 3 मई को इस राज्य स्तरीय स्पर्धा का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से कुल 66 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें ओपन वर्ग के 47 और बालिका वर्ग के 19 खिलाड़ी शामिल थे। कुल 6 चक्रों में खेली गई इस स्पर्धा में श्रेष्ठा भारद्वाज ने 6 में से 5 अंक हासिल कर बालिका वर्ग में राज्य विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं, ओपन वर्ग में मेधांश सोरी ने भी 6 में से 5 अंक अर्जित कर राज्य उपविजेता का खिताब अपने नाम किया।
डीपीएस रिसाली के हैं दोनों होनहार छात्र
राज्य स्तर पर परचम लहराने वाले दोनों ही होनहार खिलाड़ी डीपीएस (DPS) रिसाली के छात्र हैं। बालिका वर्ग की चैंपियन श्रेष्ठा भारद्वाज डीपीएस रिसाली में कक्षा 1 की छात्रा हैं। उनके पिता संतोष कुमार भारद्वाज इसी विद्यालय में सीनियर सीजीटी (CGT) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता का नाम बरखा भारद्वाज है। वहीं, ओपन वर्ग के उपविजेता मेधांश सोरी भी डीपीएस रिसाली में अध्ययनरत हैं। उनकी माता का नाम सुशीला सोरी और पिता का नाम सुमित कुमार सोरी है।
शतरंज संघ और खेल प्रेमियों ने दी बधाई
इन नन्हें खिलाड़ियों की इस बड़ी उपलब्धि पर जिला शतरंज संघ, दुर्ग ने हर्ष व्यक्त किया है। संघ के मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा, अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत, सचिव तुलसी सोनी, उपाध्यक्ष दिनेश जैन, ललित वर्मा, मोरध्वज चंद्राकर, दिनेश नालोडे और अजय राय ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय आर्बिटर अलंकार भिवगड़े, रॉकी देवांगन, फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा, संजय खंडेलवाल, हरीश सोनी, दिव्यांशु उपाध्याय और गुलाब चौहान सहित अन्य खेल प्रेमियों ने भी श्रेष्ठा और मेधांश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।






