जांजगीर-चांपा (ओमदर्पण न्यूज़)।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी और सार्थक माध्यम बनता जा रहा है। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिल रही है।
इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम भड़ेसर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में इसका प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिला। ग्राम भड़ेसर के ही रहने वाले किसान गोरेलाल बरेठ लंबे समय से अपनी एक समस्या को लेकर परेशान थे। वे अपनी शिकायत लेकर सीधे शिविर में पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।
योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे थे गोरेलाल
गोरेलाल बरेठ ने अधिकारियों को बताया कि उनके पास ‘किसान किताब’ नहीं है। किसान किताब के अभाव में उन्हें कृषि ऋण लेने, खाद-बीज प्राप्त करने तथा किसानों के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
रेलवे में बिना परीक्षा सीधे नौकरी पाने का सुनहरा मौका
अधिकारियों ने दिखाई तत्परता, तुरंत थमाई किताब
जैसे ही बरेठ ने अपना आवेदन दिया, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया। बिना किसी लेटलतीफी के आवश्यक कागजी प्रक्रिया तुरंत पूरी की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें ‘किसान किताब’ बनाकर सौंप दी गई।
चेहरे पर लौटी खुशी, जताया आभार
महीनों से जिस काम के लिए परेशानी हो रही थी, उसे मिनटों में पूरा होता देख गोरेलाल बरेठ के चेहरे पर खुशी छा गई। किसान किताब मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में सुविधा होगी और शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के आसानी से मिल सकेगा। बरेठ ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सुशासन तिहार’ वास्तव में आम लोगों की समस्याओं के समाधान का एक जनहितकारी अभियान साबित हो रहा है।
मुरमुंदा में सुशासन तिहार शिविर: 116 नए आवेदन मिले, 40 का तुरंत निपटारा









