भिलाई नगर (ओमदर्पण न्यूज़)।
वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और भूमाफियाओं की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। इसी कड़ी में हाल ही में विधायक रिकेश सेन की मौजूदगी में कलेक्टर, भिलाई निगम कमिश्नर और अन्य आला अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और स्पष्ट संदेश दिया गया कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
भूमाफियाओं पर एक्शन: कई अवैध प्लाटिंग स्थल ध्वस्त
अधिकारियों ने बैठक में हाल ही में की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वैशाली नगर क्षेत्र में अब तक कई अवैध प्लाटिंग स्थलों को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह तय किया गया है कि आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चलता रहेगा।
कम कीमत का लालच देकर फंसा रहे भूमाफिया
समीक्षा बैठक में एक चिंताजनक बात यह सामने आई कि प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बावजूद भूमाफिया अब भी सक्रिय हैं। इनका काम करने का तरीका यह है कि ये आम जनता को कम कीमत और सस्ती दरों का लालच देते हैं और बिना वैध अनुमति वाले प्लॉट बेच देते हैं। सीधे-सादे लोग उनके इस जाल में फंसकर अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
विधायक की अपील: “खरीदी से पहले वैधानिक स्थिति की जांच करें”
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विधायक रिकेश सेन ने आम नागरिकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल सस्ती दरों के लालच में आकर किसी भी प्लॉट को खरीदने का फैसला जल्दबाजी में न करें। कोई भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP), नगर निगम और अन्य संबंधित सरकारी विभागों से उसकी वैधानिक स्थिति और एप्रूवल की जांच अवश्य कर लें।
अवैध प्लाटिंग में जमीन लेने के नुकसान और भविष्य के खतरे
विधायक रिकेश सेन ने आगाह किया कि अवैध प्लाटिंग में खरीदी गई जमीन पर भविष्य में मकान निर्माण के दौरान कई गंभीर परेशानियां सामने आती हैं:
नक्शा पास होने में दिक्कत: ऐसी बिना अनुमति वाली जमीनों पर नगर निगम से मकान का नक्शा कभी पास नहीं होता है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव: मकान बनने के बाद बिजली-पानी का कनेक्शन मिलने में भारी समस्या होती है। सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं ऐसी कॉलोनियों में कभी विकसित नहीं हो पातीं।
कानूनी और प्रशासनिक खतरा: इन जमीनों पर हमेशा कानूनी विवाद, अवैध कब्जे की समस्या और रजिस्ट्री संबंधी अड़चनें बनी रहती हैं। इसके अलावा, प्रशासन द्वारा कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सकती है, जिससे पूरा पैसा डूबने का खतरा रहता है।
जागरूकता ही बचाव: प्रशासन की दोटूक चेतावनी
विधायक रिकेश सेन ने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी जमीन की खरीदी से पहले उसके सभी दस्तावेज़ों की पूरी जांच करने की अपील की है, ताकि भविष्य में होने वाले आर्थिक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना से बचा जा सके। वहीं, प्रशासन ने भी दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि अवैध प्लाटिंग करने वालों और भूमाफियाओं के खिलाफ आगे भी बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
मुर्गी पालन से कमाना है बंपर मुनाफा? कामधेनु विवि दे रहा ट्रेनिंग, सिर्फ 30 सीटें, तुरंत करें अप्लाई
दुर्ग: 269 परिवारों को मिली शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि









