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नई दिल्ली में आयोजित 8वीं सीएसएमसी बैठक में 16 राज्यों के लिए फैसला, कुल स्वीकृत आवासों की संख्या 18.38 लाख के पार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 8वीं बैठक आयोजित हुई। शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ईडब्ल्यूएस परिवारों के लिए पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2.09 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई। अब तक योजना के तहत कुल 1.25 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से 1 करोड़ घर पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
बैठक में संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कुलदीप नारायण, संयुक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार संजीत, उप महानिदेशक आरके गौतम और विभिन्न राज्यों के मिशन निदेशक उपस्थित थे। नई स्वीकृतियों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। बैठक में गृह एवं कृषि मंत्रालय के सचिव ने योजना की प्रगति, जियो-टैगिंग और निधि उपयोग की व्यापक समीक्षा की। गृह मंत्रालय के सचिव ने त्वरित कार्यान्वयन और समय पर धनराशि जारी करने पर जोर दिया।
▬ विभिन्न श्रेणियों में मिली स्वीकृति ▬
नए स्वीकृत 2.09 लाख घरों में से लाभार्थी नेतृत्व निर्माण (बीएलसी) के तहत 1.42 लाख घर शामिल हैं, जिनमें 2.5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलती है। साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी) के तहत 67,045 घर स्वीकृत हुए हैं। इससे पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत कुल स्वीकृत घरों की संख्या 18.38 लाख हो गई है। इसमें 14.40 लाख बीएलसी, 2.48 लाख एएचपी, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) और 13,046 घर किफायती किराये के आवास (एआरएच) के तहत शामिल हैं। तमिलनाडु और गुजरात में क्रमशः पीएमएवाई-यू (एल) और पीएमएवाई-यू 2.0 (आर) के तहत मकान बन रहे हैं।
▬ महिलाओं को मिला मालिकाना हक ▬
योजना में प्रधानमंत्री के नारी शक्ति दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है। कुल 1.25 करोड़ स्वीकृत घरों में से 1 करोड़ घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। 8वीं सीएसएमसी बैठक में स्वीकृत 2.09 लाख घरों में से 2.03 लाख घर महिलाओं को मिले हैं। इसके अलावा 16,662 घर वरिष्ठ नागरिकों, 21,954 घर अनुसूचित जाति, 14,252 घर अनुसूचित जनजाति और 75,511 घर अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और अल्पसंख्यक वर्गों को भी शामिल करती है।
▬ 9 लाख आय वालों को लाभ ▬
जून 2015 में ‘सभी के लिए आवास’ लक्ष्य के साथ शुरू हुई पीएमएवाई-यू की नींव पर पीएमएवाई-यू 2.0 आधारित है। यह नया चरण 9 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले 1 करोड़ अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करता है। योजना के विभिन्न विभाग लाभार्थियों को घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं तक पहुंच, गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी और गुणवत्तापूर्ण किराये के आवास सुरक्षित करने में मदद करते हैं।









