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प्रशासन का यू-टर्न: कांग्रेस की चेतावनी के बाद सभी 102 केंद्रों पर बढ़ी धान खरीदी की लिमिट

धान खरीदी टोकन लिमिट दुर्ग

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  • राकेश ठाकुर बोले- ये किसानों के हक की जीत

 

धान खरीदी टोकन लिमिट दुर्ग

 

दुर्ग।

दुर्ग जिले के धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था और टोकन की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन और कांग्रेस आमने-सामने थे, लेकिन ‘तालाबंदी’ की चेतावनी का असर रंग लाया। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) द्वारा 17 दिसंबर को प्रस्तावित तालाबंदी आंदोलन से ठीक एक दिन पहले, प्रशासन ने जिले के सभी 102 उपार्जन केंद्रों पर टोकन लिमिट बढ़ा दी है। साथ ही, जाम की स्थिति से निपटने के लिए धान का परिवहन भी युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

मांगें पूरी होने के बाद कांग्रेस ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है। बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने अंडा, फुंडा और रिसामा केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया, जहां किसानों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।

प्रशासन ने दो चरणों में बढ़ाई लिमिट

कांग्रेस के दबाव को देखते हुए शासन ने पहले 54 उपार्जन केंद्रों की प्रतिदिन खरीदी लिमिट में वृद्धि की थी। लेकिन, कांग्रेस अपने 17 दिसंबर के ‘तालाबंदी’ अल्टीमेटम पर अडिग थी। इसे देखते हुए 16 दिसंबर की देर शाम शेष 48 उपार्जन केंद्रों की लिमिट भी बढ़ा दी गई। इस फैसले के बाद अब जिले के किसानों को धान बेचने में आसानी होगी।

किसानों ने कहा- चेतावनी का ही असर है

बुधवार को जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर फुंडा, अंडा और रिसामा केंद्र पहुंचे, तो वहां माहौल बदला हुआ था। उपस्थित किसानों ने कहा कि यदि तालाबंदी की चेतावनी नहीं दी जाती, तो शायद प्रशासन इतनी जल्दी नहीं जागता। किसानों ने टोकन लिमिट बढ़ने और परिवहन शुरू होने का श्रेय कांग्रेस के संघर्ष को दिया।

जनविरोधी फैसलों के खिलाफ लड़ेंगे: राकेश ठाकुर

किसानों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी। हमारे लगातार दबाव और तालाबंदी की चेतावनी के कारण ही प्रशासन को झुकना पड़ा और आंदोलन से एक दिन पूर्व टोकन लिमिट बढ़ाई गई। सरकार के हर जनविरोधी फैसले का हम पुरजोर विरोध करेंगे।”

क्या था पूरा मामला?

बीते शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ कलेक्टर अभिजीत सिंह से मुलाकात की थी।

  • समस्या: किसानों को न तो ऑनलाइन टोकन मिल रहे थे और न ही ऑफलाइन। साथ ही, परिवहन न होने से केंद्रों में धान का अंबार लग गया था।

  • चेतावनी: ठाकुर ने स्पष्ट कहा था कि यदि टोकन लिमिट नहीं बढ़ी और परिवहन शुरू नहीं हुआ, तो 17 दिसंबर को जिले के सभी 102 केंद्रों में तालाबंदी कर दी जाएगी।

  • नतीजा: 16 दिसंबर की शाम तक कलेक्टर से चर्चा सार्थक रही और प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से व्यवस्था में सुधार कर दिया।

इस दौरान प्रमुख रूप से किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र वर्मा, आनंद बघेल, बैकुंठ महानंद, पूर्व योगिता चंद्राकर, पीलेश्वर साहू, प्रशांत पाण्डेय, आत्मा पटेल, चांद खान, धनंजय साहू, तीर्थ चंद्राकर, रोशन साहू, पोषण साहू, संदीप चंद्राकर, पप्पू साहू, जानकी पटेल, रूखमणि धनकर, चूरामन साहू, कामिन साहू, सेवक साहू, अश्वनी सर्पे, के.के. चंद्राकर, प्रहलाद चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, रवि जोशी, जितेंद्र चंद्राकर, दुर्जन ढीमर, आशीष चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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