लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार में चल रही सियासी तकरार को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर झगड़ा दो नेताओं के बीच नहीं बल्कि दिल्ली और लखनऊ के बीच है, और इस संघर्ष में केशव प्रसाद मौर्य केवल एक मोहरा हैं। अखिलेश यादव ने मौर्य को दिल्ली के वाईफाई पासवर्ड का संज्ञा दी, यह दर्शाते हुए कि उनका प्रभाव सीमित और सिर्फ प्रतीकात्मक है।
बलिया वसूली मामले पर अखिलेश का बयान
अखिलेश यादव ने बलिया वसूली मामले पर कहा कि जब समाजवादी पार्टी विपक्ष में थी, तब प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात की थी। लेकिन अब सरकार के अपने नेता भी स्वीकार कर रहे हैं कि इस अवधि में भ्रष्टाचार की सीमाएं पार हो गई हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार बढ़ा है, और कई जगहों पर इसी तरह के मुद्दे सामने आए हैं।
‘पुलिस ही डाकू’ पर अखिलेश की तीखी टिप्पणी
अखिलेश यादव ने कहा कि आज के समाचार पत्रों में ‘पुलिस ही डाकू’ की हेडलाइन छप रही है, जो सरकार की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वसूली में संलिप्त है और टांग पर गोली मारने का भी मूल्य तय कर रही है। झांसी में हुए फर्जी एनकाउंटर का भी उन्होंने जिक्र किया और कहा कि न्याय नहीं मिल पाने के कारण मृतक की पत्नी ने आत्महत्या कर ली।
लखनऊ सरोजिनी नगर और मेडिकल कॉलेजों पर आलोचना
अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ सरोजिनी नगर के मामले में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और आईपीएस अधिकारी फरार रहे। उन्होंने चिकित्सा कॉलेजों की स्थिति पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए 13 मेडिकल कॉलेजों को मान्यता नहीं मिली, क्योंकि कई अधिकारी और नेता मोहरा बने हुए हैं।
मानसून ऑफर पर अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के पास अगर संख्या हो, तो वे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून ऑफर का मतलब है कि राजनीतिक ऑफर भी दी जाए, और इसका डिस्काउंट विंटर तक चलेगा। कांवड़ियों के लिए योगी सरकार के आदेश पर भी उन्होंने तंज कसा और इसे बीजेपी की कुर्सी बचाने की रणनीति करार दिया।
कुकरैल रिवर फ्रंट पर अखिलेश की आलोचना
अखिलेश यादव ने कुकरैल रिवर फ्रंट को लेकर भाजपा पर हमला किया और कहा कि भाजपा ने नाले को रिवर फ्रंट में बदलने की कोशिश की है, लेकिन नाले के पानी को सही तरीके से चैनलाइज नहीं किया गया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे गंगा एक्शन प्लान की जगह ‘इत्र की बात’ कर रही है और वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ रही है।






