दुर्ग/रायपुर | ओम दर्पण न्यूज़:
ग्राम पंचायत थनौद में आयोजित सुशासन शिविर में हुए विवाद के बाद दुर्ग जनपद सीईओ निलंबन मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडेय पर की गई एकतरफा निलंबन की कार्रवाई के विरोध में अधिकारी और कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। मंगलवार, 02 जून 2026 को रायपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संघ छत्तीसगढ़ की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुशासन शिविर की घटना और उसके बाद की गई निलंबन की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संघ ने अपर मुख्य सचिव से मांग की है कि इस दुर्ग जनपद सीईओ निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सीईओ को बहाल किया जाए।
निष्पक्ष जांच के लिए पंचायत मंत्री को ज्ञापन
संघ ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार (02 जून) को ही पंचायत मंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव और नया रायपुर स्थित विकास आयुक्त कार्यालय को अभ्यावेदन/ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अल्टीमेटम दिया है कि इस पूरे मामले की 7 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच की जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि दुर्ग जनपद सीईओ निलंबन मामले में उनकी मांगें तय समय सीमा में पूरी नहीं होती हैं, तो संघ उग्र आंदोलन करेगा। संघ द्वारा लिए गए निर्णय इस प्रकार हैं:
- 11 से 15 जून तक विरोध: यदि 7 दिवस में मांग पूरी नहीं होती है, तो 11 जून से 15 जून 2026 तक सभी अधिकारी-कर्मचारी 5 दिनों तक काली पट्टी लगाकर शासकीय कार्य करेंगे।
- सभी वर्गों का समर्थन: इस आंदोलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सभी वर्गों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। इनमें सीईओ, एपीओ, डीईओ, एडीईओ, पंचायत सचिव, स्वच्छ भारत मिशन (SBM) कर्मचारी, रोजगार सहायक और जनपद स्टाफ के सभी सदस्य एकजुट रहेंगे।
- 16 जून को जिला स्तरीय हड़ताल: समस्या का समाधान और निष्पक्ष जांच नहीं होने की स्थिति में 16 जून 2026 को एक दिवसीय जिला स्तरीय हड़ताल की जाएगी।
- संभागीय और राज्य स्तरीय हड़ताल: इसके बाद भी यदि समाधान नहीं निकला, तो संघ एक दिवसीय संभागीय और उसके बाद एक दिवसीय राज्य स्तरीय हड़ताल करेगा।









