नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख थ्रू द एजेस’ पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि आज कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बनकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “कश्मीर में लोकतंत्र स्थापित हुआ है और मुझे विश्वास है कि जो कुछ हमने गंवाया, उसे जल्द ही प्राप्त कर लेंगे।”
कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने कश्मीर के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए कहा, “कश्मीर का नाम ऋषि कश्यप के नाम पर हो सकता है। कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास लुटियन दिल्ली में बैठकर नहीं लिखा जाता, बल्कि इसे समझने और प्रमाण के आधार पर लिखने की आवश्यकता है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने इतिहासकारों से अपील की कि वे प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर इतिहास लिखें और शासकों को खुश करने के लिए इतिहास लेखन की पुरानी परंपरा को त्यागें।







