दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।
दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अंजोरा (बांधा) में एक बड़ा पंचायत विवाद सामने आया है। यहां की सरपंच प्रेमिन बाई साहू पर पंचायत के लेटरहेड का दुरुपयोग करने, कूटरचित पंचनामा बनाने और निजी भूमि विवाद में हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम निवासी गणेश राम देशमुख ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सीमांकन के बाद बनी बाउंड्रीवाल को तोड़ा गया
कलेक्टर को दी गई शिकायत में आवेदक गणेश राम देशमुख ने बताया कि उन्होंने ग्राम अंजोरा स्थित भूमि खसरा नंबर 1886/1 को 31 मार्च 2025 को खरीदा था। इसके बाद राजस्व न्यायालय के आदेश पर 19 फरवरी 2026 को इस भूमि का विधिवत सीमांकन किया गया। सीमांकन के पश्चात उन्होंने अपनी निजी भूमि पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया था। आरोप है कि 25 फरवरी 2026 को गांव के ही कुछ लोगों ने विवाद करते हुए उनकी इस बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया।
लेटरहेड पर फर्जी पंचनामा बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि बाउंड्रीवाल तोड़े जाने वाले दिन (25 फरवरी) ही ग्राम पंचायत के लेटरहेड पर एक कथित पंचनामा तैयार किया गया। इस पंचनामे में विरोधी पक्ष को 16 फीट का रास्ता देने का उल्लेख किया गया है। आवेदक गणेश राम देशमुख ने इस पंचनामे को पूरी तरह से फर्जी और नियमों के विरुद्ध बताया है। उनका आरोप है कि सरपंच ने अपने लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर इस कूटरचित दस्तावेज को तैयार किया है।
सरपंच पति पर पंचायत चलाने का आरोप
इस मामले में एक और गंभीर आरोप यह भी है कि ग्राम पंचायत अंजोरा का कामकाज सरपंच प्रेमिन बाई साहू नहीं, बल्कि उनके पति सुमरन लाल साहू द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो कि पंचायत राज अधिनियम के नियमों के सीधे तौर पर विपरीत है।
नुकसान की भरपाई और एफआईआर की मांग
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सरपंच, उनके पति और बाउंड्रीवाल तोड़ने में शामिल अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही, बाउंड्रीवाल टूटने से हुए लगभग 30 हजार रुपये के नुकसान की भरपाई भी आरोपियों से कराई जाए।
















