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31 मार्च तक बस्तर होगा नक्सल मुक्त: विष्णुदेव साय

Omdarpan

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राजिम/रायपुर।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित ‘भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव’ में हुंकार भरते हुए कहा कि प्रदेश से नक्सलवाद खातमे की ओर है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खनिज और वन संपदा से भरपूर होने के बावजूद नक्सलवाद विकास में बाधक था, लेकिन अब जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय 7 जनवरी 2026 को राजिम के त्रिवेणी संगम में साहू समाज द्वारा आयोजित जयंती महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन और भक्त माता राजिम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

साहू समाज: उत्थान और संगठन की मिसाल

समारोह में साहू समाज ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘साहू सृजन’ पत्रिका का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में श्री साय ने कहा कि साहू समाज एक समृद्ध, शिक्षित और संगठित समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सामाजिक उत्थान की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि राजिम माता ने अपनी मेहनत और त्याग से जिस समाज को संगठित किया, वह आज शिक्षा, कृषि और व्यवसाय में निरंतर आगे बढ़ रहा है। दानवीर भामाशाह और बाबा सत्यनारायण का आशीर्वाद इस समाज पर बना हुआ है।

कुटेना में अयोध्या की तर्ज पर धर्म ध्वजा

मुख्यमंत्री ने सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापित हुई है, उसी तर्ज पर कुटेना में भी धर्म ध्वजा की स्थापना की गई है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि वे इस पुण्य अवसर के साक्षी बने।

संगठित समाज ही देश की ताकत: अरुण साव

कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि साहू समाज अपनी संगठन शक्ति के लिए जाना जाता है। हम त्रिवेणी संगम की इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर समाज के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से नाता: तोखन साहू

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने माता राजिम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, तपस्या और श्रम की भूमि है। हमारा नाता उस समाज से है जिसने भगवान को खिचड़ी खिलाई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुरखों के योगदान को याद कर और शिक्षा-संस्कार के साथ ही समाज को आगे ले जाया जा सकता है।

इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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