16 सितम्बर 2026 |
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कांगेरवेली एरिया कमेटी के 1 लाख ईनामी माचकोट एलओएस सदस्य सहित 4 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

OM Darpan

Oct 09, 2024 07:52 pm 165 views
जगदलपुर (कौशल संदुजा)। बस्तर पुलिस के समक्ष नक्सल उन्मूलन अभियान और छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर कांगेरवेली एरिया कमेटी अंतर्गत 1 लाख ईनामी माचकोट एलओएस सदस्य पाण्डु उर्फ छोटा पाण्डु कवासी सहित 4 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण की यह घटना 8 अक्टूबर 2024 को शौर्य भवन, जगदलपुर में हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा, कमाण्डेंट 80 बटा. सीआरपीएफ जितेन्द्र कुमार, डिप्टी कमाण्डेंट सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर अमरजीत गुप्ता, अति. पुलिस अधीक्षक ऑप्स बस्तर योगेश देवांगन, और उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स बस्तर भारसिंह मण्डावी मौजूद थे। पाण्डु का आपराधिक इतिहास पाण्डु उर्फ छोटा पाण्डु वर्ष 2014 में नक्सली संगठन में भर्ती हुआ था और माचकोट एलओएस सदस्य के रूप में कांगेरवेली एरिया कमेटी में सक्रिय था। उसने माओवादी कमांडरों देवा, संजू, मंगतु, लक्ष्मण और महेश के साथ मिलकर थाना दरभा के गांवों चांदामेटा, पटेलपारा, मुरियामीपारा, भडरीमहु, उरूकपाल और प्यारभाट पारा में पुलिस दलों पर फायरिंग और रोड निर्माण में लगे वाहनों में आगजनी जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दिया था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मनकु राम कश्यप और फुलमती का योगदान आत्मसमर्पित नक्सली मनकु राम कश्यप और उसकी पत्नी फुलमती उर्फ गिरजा माओवादी संगठन में इन्द्रावती एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय थे। संगठन में कुछ साल रहने के बाद, दोनों ओरछा क्षेत्र में अपने घर आ गए थे, लेकिन इसके बाद भी नक्सल गतिविधियों में लिप्त रहे। वे माओवादियों को दैनिक उपयोगी सामग्री पहुंचाने और विभिन्न प्रकार के सहयोग प्रदान करने में शामिल थे। करिया पोयाम की संलिप्तता करिया पोयाम, जो पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय था, थाना ओरछा क्षेत्र में माओवादियों के सहयोगी के रूप में कार्यरत था। वह भी अपने गांव करेली लौटने के बाद माओवादियों को सहायता और सामग्री पहुंचाने में लिप्त रहा। पुलिस दबाव और निरंतर अभियानों का असर आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों ने पुलिस के बढ़ते दबाव और बस्तर रेंज में लगातार हो रहे मुठभेड़ों से घबराकर आत्मसमर्पण किया। इसके बाद इन चारों नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि दी गई। आत्मसमर्पण कराने में सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर और 80 बटा. सीआरपीएफ की आसूचना शाखा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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