

रायगढ़।
तमनार-घरघोड़ा क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते तीन हाथियों की मौत के मामले में वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू की है। रायगढ़ के डीएफओ शैली मंडावी ने इस मामले में सामारूमा रेंज के कचकोबा परिसर के बीट गार्ड सन्यासी सिदार को निलंबित कर दिया है, जबकि डिप्टी रेंजर अजय खेस के निलंबन के लिए सीसीएफ बिलासपुर को अनुशंसा पत्र भेजा गया है।
शनिवार की सुबह वन विभाग को तमनार-घरघोड़ा क्षेत्र में दो वयस्क हाथियों और एक शावक की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद डीएफओ शैली मंडावी, एसडीओ और बिलासपुर के सीसीएफ समेत वन अमला मौके पर पहुंचा। निरीक्षण के दौरान पता चला कि सामारूमा रेंज के कचकोबा परिसर में चुहकीमार नर्सरी क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही से 11 केवी का तार काफी नीचे लटका हुआ था। नर्सरी प्रभारी ने बताया कि स्थानीय बिजली विभाग के कर्मचारियों को कई बार मौखिक रूप से बिजली तार व्यवस्थित करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जांच में सामने आया कि संबंधित बीट गार्ड सन्यासी सिदार ने हाथियों की निगरानी में लापरवाही बरती और जंगल भ्रमण में उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही के कारण डीएफओ शैली मंडावी ने रविवार को सन्यासी सिदार को निलंबित कर दिया।
बिजली विभाग की लापरवाही पर भी कार्रवाई करते हुए डीएफओ शैली मंडावी ने घरघोड़ा बिजली विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।





