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रायपुर।
मोवा की भुनेश्वरी साहू, जो पहले रोज़ी-मज़दूरी करती थीं, आज दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत मिले 1 लाख रूपए के अनुदान से स्वरोजगार कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ई-रिक्शा पहल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने श्रम विभाग की योजनाओं से जोड़ा, जिससे भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत महिलाओं को सब्सिडी दी गई।
भुनेश्वरी ने ई-रिक्शा खरीद कर खुद का रोजगार शुरू किया। अब वे रोज 6-8 घंटे रिक्शा चलाकर घर चलाती हैं, बच्चों को पढ़ा रही हैं और ईएमआई चुका रही हैं।
उनका कहना है कि यह योजना उनके लिए वरदान बनी। आज वे आत्मनिर्भर हैं और अपने आत्मसम्मान के साथ समाज में प्रेरणा बनकर उभरी हैं।









