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बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी 70वीं की प्राथमिक परीक्षा को लेकर लिया अहम फैसला

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पटना।

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सोमवार को बीपीएससी 70वीं की प्राथमिक परीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। आयोग के अध्यक्ष श्री परमार रवि मनु भाई ने कहा कि इस परीक्षा में 911 केंद्रों पर चार लाख 75 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा सामान्य रूप से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, लेकिन एक केंद्र पर गड़बड़ी की घटनाओं के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई है।

बीपीएससी अध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया कि पेपर लीक की अफवाहों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा कैंसिल नहीं होगी, लेकिन एक केंद्र पर दोबारा परीक्षा ली जाएगी। इस पुनः परीक्षा का परिणाम अन्य केंद्रों के परिणाम के साथ एक साथ घोषित किया जाएगा।

केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट पर लिया गया निर्णय

बीपीएससी अध्यक्ष श्री परमार रवि मनु भाई ने बताया कि बापू परीक्षा परिसर में हुई गड़बड़ी को लेकर पटना जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई थी। आयोग की आईटी सेल भी जांच कर रही है। जिन्होंने परीक्षा में बाधा डालने की कोशिश की और आईटी नियमों का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटना एसएसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है जो इस मामले की जांच करेगी।

उन्होंने बताया कि बापू परीक्षा परिसर में प्रश्न पत्र देर से पहुंचा था और एक कक्ष में हंगामा हुआ। कुछ उपद्रवी तत्वों ने परीक्षा को बाधित करने की कोशिश की, जिसके कारण परीक्षा का माहौल खराब हुआ। आयोग को यह भी सूचना मिली कि कुछ शरारती तत्वों ने परीक्षा केंद्र पर मोबाइल से वीडियो बनाकर अफवाह फैलाई। इस पूरे मामले पर जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बीपीएससी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि बापू परीक्षा केंद्र की परीक्षा जल्द ही आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का परिणाम अन्य केंद्रों के परिणाम के साथ एक साथ घोषित किया जाएगा। आयोग ने इस मामले में केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट, जिला प्रशासन की रिपोर्ट, आयोग के आईटी सेल की रिपोर्ट और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा कि 912 परीक्षा केंद्रों में से केवल बापू परीक्षा केंद्र पर ही गड़बड़ी हुई थी। इस केंद्र पर कुल 12 हजार बच्चे परीक्षा दे रहे थे, जिनमें से एक कक्ष में उपद्रव हुआ था। आयोग ने अब तक 25 लोगों को चिह्नित किया है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। एक कक्ष में 273 अभ्यर्थियों को बैठाने की व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।

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