13 सितम्बर 2026 |
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पारंपरिक वेशभूषा में थिरके मुख्यमंत्री: बिलासपुर में 48वें रावत नाचा महोत्सव की धूम, साय बोले- यह हमारी एकता का प्रतीक

OM Darpan

Nov 16, 2025 05:42 am 289 views
पारंपरिक वेशभूषा में थिरके मुख्यमंत्री: बिलासपुर में 48वें रावत नाचा महोत्सव की धूम, साय बोले- यह हमारी एकता का प्रतीक

 
  • लाल बहादुर शास्त्री मैदान में भव्य आयोजन;

  • मुख्यमंत्री ने 'तेल फूल में लइका बाढ़े...' दोहा गाकर यदुवंशियों को दिया आशीर्वचन

  • उप मुख्यमंत्री व केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे मौजूद

बिलासपुर.

शहर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में 48वें रावत नाचा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। पारंपरिक रावत वेशभूषा में मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने न सिर्फ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि ढोल-नगाड़ों की धुन पर उनके साथ झूमकर नृत्य भी किया।

मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने कार्यक्रम के आरंभ में भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक कालीचरण यादव एवं समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया।

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'जहां प्रभु श्रीकृष्ण ने जन्म लिया'

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यदुवंशी समाज वह समाज है, जहां प्रभु श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ की नृत्य-गायन परंपरा हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का सजीव प्रतीक है।" मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा गाकर यदुवंशी समाज एवं नर्तन दलों को आशीर्वचन भी दिया।

शौर्य और संस्कृति का प्रदर्शन

कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, संस्कृति और कला का अप्रतिम प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर सभी को शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "48 वर्षों से इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक गर्व का प्रमाण है।"

'बिलासपुर की गौरवशाली धरोहर'

महोत्सव के संरक्षक कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रावत नाचा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले 47 वर्षों से यह महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतीक बना हुआ है। बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यदुवंशी समाज के लोग घर-घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करते हैं।

महोत्सव में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया तथा महापौर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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