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झूठे आरोपों से विधायक वैशाली नगर की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश, भाजपा भिलाई अध्यक्ष ने दर्ज कराई शिकायत

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भिलाई (रोहितास सिंह भुवाल)।

भाजपा भिलाई अध्यक्ष ने सहायक श्रमायुक्त के समक्ष कलेक्टर के माध्यम से एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ है, जिसने विधायक वैशाली नगर पर झूठे और आधारहीन आरोप लगाते हुए उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की है। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति कभी भी विधायक वैशाली नगर के लिए सोशल मीडिया प्रचारक के रूप में अधिकृत या नियुक्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद, उसने स्वयं को विधायक का सोशल मीडिया प्रचारक बताते हुए झूठे आरोप लगाए हैं और नियुक्ति व वेतन से संबंधित दावे किए हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि विधायक द्वारा कभी भी उस व्यक्ति को कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है, न ही उस व्यक्ति ने इस संबंध में विधायक से कोई संपर्क किया है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिकायत करने से पूर्व वह व्यक्ति विधायक निवास या कार्यालय पर कभी नहीं आया। यह तथ्य सीसीटीवी फुटेज से भी प्रमाणित होता है। साथ ही, न तो दूरभाष पर किसी तरह की बातचीत हुई है, और कॉल डिटेल्स से भी यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह व्यक्ति झूठा बयान दे रहा है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्ति स्वयं को ‘अपना सुदामा’ कहकर इस झूठे और अनर्गल आरोप को प्रचारित कर रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि वह व्यक्ति कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह कल्पना करना भी असंभव है कि वह सत्ता पक्ष के विधायक के लिए सोशल मीडिया पर नेगेटिव प्रचारक के रूप में नियुक्त हो। इस तथ्य से यह भी प्रमाणित होता है कि उसकी शिकायत और आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

भाजपा भिलाई अध्यक्ष ने इस मामले में मांग की है कि उक्त व्यक्ति के साथ इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जाए। साथ ही, सोशल मीडिया पर झूठे पत्र और वीडियो के माध्यम से विधायक के विरुद्ध प्रचार करने, शासकीय विभाग में झूठी शिकायत प्रस्तुत करने और अधिकारियों पर प्रभाव डालने के प्रयासों को देखते हुए, बीएनएस की धारा 217 सहित अन्य आईटी एक्ट के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाए।

यह मामला न केवल एक जनप्रतिनिधि की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि राजनीतिक द्वेष के तहत गढ़े गए एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसकी गंभीरता से जांच आवश्यक है।

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