रायपुर:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी दी गई, जिससे आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
🔹 छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025: राज्य में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए यह नई नीति लागू होगी, जिसमें आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास और सुरक्षा दी जाएगी।
🔹 छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025: इस विधेयक के प्रारूप को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
🔹 छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025: सहकारी समितियों को मजबूत करने के उद्देश्य से संशोधित विधेयक का अनुमोदन किया गया।
🔹 छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025: निजी विश्वविद्यालयों के नियमन व संचालन के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली।
🔹 फिल्म “छावा” को टैक्स फ्री करने की मंजूरी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 27 फरवरी को फिल्म “छावा” को टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई थी। इस पर मंत्रिपरिषद ने फिल्म के प्रदर्शन पर देय राज्य माल और सेवा कर (SGST) की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी।
🔹 राज्य जल सूचना केंद्र (SWIC) का गठन: जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य जल सूचना केंद्र (SWIC) की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह केंद्र भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ मिलकर जल प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा।
🔹 राज्य के 9 बांधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रुपये की मंजूरी: राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के तहत 9 प्रमुख बांधों के सुधार कार्यों के लिए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया है। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।
🔹 मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना: युवाओं की भागीदारी से राज्य में सुशासन को मजबूत करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इसे आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा। योजना के तहत चयनित युवाओं को आईआईएम रायपुर से एमबीए डिग्री मिलेगी और वे राज्य की योजनाओं में योगदान देंगे।
🔹 भारत माला परियोजना की जांच: कैबिनेट ने भारत माला परियोजना में हुई अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) से जांच कराने का निर्णय लिया है।









