डिप्टी सीएम और परिवहन आयुक्त से चर्चा के बाद बस संचालकों की हड़ताल स्थगित
OM Darpan
डिप्टी सीएम ने कैबिनेट में किराया वृद्धि का प्रस्ताव लाने का दिया भरोसा, इलेक्ट्रिक बसों के रूट पर ली जाएगी आपत्ति जाएगी आपत्ति
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और अन्य लंबित समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने 22 सितंबर से प्रस्तावित अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित कर दी है। यह निर्णय उपमुख्यमंत्री अरुण साव और परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद लिया गया। बैठक में महासंघ की 9 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सरकार ने किराया वृद्धि और टैक्स जैसे प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
बैठक के दौरान बस संचालकों को बताया गया कि यात्री किराया बढ़ाने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। इसके साथ ही, एक स्लीपर बर्थ पर एक सीट के बराबर टैक्स लेने का मामला वर्तमान में विचाराधीन है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के संबंध में स्पष्ट किया गया कि ये बसें अर्बन सोसायटी के माध्यम से चलेंगी। इनका रूट जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त द्वारा तय कर परिवहन विभाग को भेजा जाएगा, जिस पर आम जनता और संचालकों से आपत्ति भी आमंत्रित की जाएगी। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन बसों के आने में अभी समय लगेगा।
विभिन्न मांगों पर मिली राहत और आश्वासन
ऑल इंडिया परमिट वाली पर्यटक बसों को बस स्टैंड से संचालित करने पर रोक लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति बनी है। वीएलटीडी नवीनीकरण की दरों को भी जल्द ही कम किया जाएगा। नए अनुज्ञा पत्र और समय अंतराल पर रोक लगाने की मांग पर अधिकारियों ने तर्क दिया कि नए परमिट की मांग स्वयं संचालकों द्वारा ही की जाती है। प्रतिहस्ताक्षर के मुद्दे पर भी सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, मैनुअल फिटनेस के मामले को केंद्र सरकार के अधीन बताया गया और अनुज्ञा पत्र वाली बसों को ऑनलाइन परमिट की सुविधा देने की मांग को अमान्य कर दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अनवर अली, शिवेश सिंह, अकरम, बिट्टू चहल, लोकेश्वर सिंह राजपूत, सिकंदर सिंह शेखों, खेमराज साहू, सुमित ताम्रकार और जावेद खान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट बैठक के बाद होने वाली उनकी अगली बैठक में आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक प्रदेश भर में बसों का संचालन सुचारू रूप से सामान्य रहेगा।
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